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उफान पर गंगा, नाव का सहारा ले रहे ग्रामीण

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बाढ़ में टूटा हस्तिनापुर चांदपुर मार्ग स्रोत संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा नदी उफान पर है, बाढ़ से प्रभावित ग्रामीण गांव से बाहर आने-जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। शनिवार को पांचवें दिन गंगा के जलस्तर में कुछ कमी आई है। परंतु शनिवार को हुई बारिश ने एक बार फिर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में करीब पांच दिन पूर्व आई बाढ़ के कारण फतेहपुर प्रेम, रठौरा कला, सिरजेपुर, हादीपुर गांवड़ी, किशनपुर, दूधली, मखदूमपुर, बधवा खेड़ी, लतीफपुर सहित करीब एक दर्जन गांवों के घरों में बाढ़ का पानी भर गया था। घरों से पानी तो निकल गया परंतु गांव के रास्ते भी अभी जल मग्न है। इसके साथ-साथ ही इन गांवों के संपर्क मार्ग भी पूरी तरह बंद है ग्रामीणों को एक दूसरे गांव में जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। फतेहपुर प्रेम और सिरजेपुर गांव के समीप से टूटे तटबंध से लगातार पानी निकल रहा है जो खादर क्षेत्र के गांव की ओर पहुंच रहा है। गंगा का जलस्तर कम होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली परंतु पांच दिनों के बाद शनिवार को हुई तेज बारिश ने ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी। पशुओं के लिए भी चारे का संकट गहरा गया है। जंगल में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण पशु भी भूखे खड़े हुए हैं। पांच दिन बाद भी कई गांव के संपर्क मार्गों पर आवागमन बहाल नहीं हो सका है। खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव टापू बने हुए हैं। चारों ओर पानी भरा होने के कारण ग्रामीण गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी जब तक गंगा का जलस्तर कम नहीं होता और आवागमन के रास्ते पूरी तरह दुरुस्त नहीं होने तक लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है।
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फिर क्षतिग्रस्त हो गया चांदपुर मार्ग
हस्तिनापुर से चांदपुर को जाने वाला संपर्क मार्ग करीब दो माह पूर्व ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने करीब चार करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत कार्य कराया था और अब इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया था परंतु कुछ दिन ही हुए थे जिसके बाद अब बाढ़ में इस मार्ग को एक बार फिर क्षतिग्रस्त कर दिया है।

बिजनौर बैराज से गंगा का जलस्तर एक लाख 40 हजार क्यूसेक
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि शनिवार शाम एक लाख 40 हजार क्यूसेक चल रहा है। जल स्तर कम होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस जरूर ली। अभी तक टूटे तटबंध को दुरुस्त नहीं किया गया है। जिस कारण खादर क्षेत्र के दर्जनों गांव पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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200 परिवारों को वितरित की राहत सामग्री

हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में बाढ़ के कारण पिछले कई दिनों से हजारों ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए हैं। एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी एवं एसडीएम संतोष कुमार ने शनिवार को खादर क्षेत्र के किशनपुर गांव में पहुंचकर बाढ़ राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान किशनपुर गुरुद्वारे में सभी ग्रामीणों को एकत्रित किया गया। उसके बाद नाव और बोट के माध्यम से बाढ़ राहत सामग्री वहां पर पहुंचाई गई। अपर जिलाधिकारी सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि एसडीएम मवाना संतोष कुमार सिंह, तहसीलदार निरंकार सिंह, नायब तहसीलदार सचिन, अंकित, नितेश द्वारा शासन के निर्देशानुसार तहसील मवाना के बाढ़ प्रभावित गांवों लतीफपुर, किशनपुर, दूधली खादर में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत खाद्यान्न सामग्री, भूसे तथा दवाइयों का वितरण किया गया। ग्राम किशनपुर में मोटर बोट के माध्यम से खाद्यान्न सामग्री एवं आवश्यक दवाइयों को वितरण किया गया। ग्राम लतीफपुर में सोहन लाल, राहुल कुमार, सिरिया सिंह, जोगेंद्र सिंह, सुमित्रा देवी, जयपाल, ओमवती देवी एवं अन्य को तथा किशनपुर में अवतार सिंह, लक्ष्मण सिंह, लीला कौर, हरी देवी, रणजीत सिंह, साधु सिंह एवं दुधली खादर में हरजीत सिंह, अंजू कौर, सरबत सिंह सहित 200 परिवारों को राहत खाद्यान्न सामग्री एवं दवाओं का वितरण किया गया। लतीफपुर गांव करतार सिंह के सहयोग से ग्रामीणों को शासन की ओर से भूसा वितरित किया गया।
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