काली नदी के ऊपर से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे, तैयार हुआ एलाइनमेंट
मेरठ। गंगा एक्सप्रसेवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री रोजाना यूपीडा से इस प्रोजेक्ट की समीक्षा रिपोर्ट ले रहे हैं। पहले पैकेज में मेरठ के गांव बिजौली से हापुड़ के चंदनीर तक इसका निर्माण किया जाना है। अब यूपीडा में एक्सप्रेसवे के बीच आ रही नदियां और हाइवे की रिपोर्ट तैयार कर अपलोड की गई हैं ताकि समय से सभी गतिविधियों को शुरू किया जा सके।
मेरठ से हापुड़ के बीच आ रही काली नदी के ऊपर से गंगा एक्सप्रेसवे को गुजारा जाना है। इसके लिए गूगल इमेज से ब्रिज की लंबाई और चौड़ाई तय कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए बाढ़, पानी के बहाव के लिए हाइड्रोलॉजी और इंटरचेंज कॉर्डिनेट्स रिपोर्ट तैयार की गई है। 594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरेगा। सरकार विधानसभा चुनाव-2022 से पहले इसका निर्माण शुरू करना चाहती है ताकि इस प्रोजेक्ट को भी उपलब्धियों में शामिल किया जा सके।
इसके चलते ही शुक्रवार को मुख्यमंत्री सितंबर-अक्तूबर में इसका निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दे चुके हैं। शनिवार को भी जिले में तहसीलदार न्यायिक रामेश्वर प्रसाद की निगरानी में बिजौली गांव के तीन बैनामे किए गए। जिले के नौ प्रभावित गांवों के लगभग 387 किसानों के बैनामे किए जाने हैं। रोजाना तीन-तीन बैनामे कराए जा रहे हैं। इससे 30 जून तक जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी की जा सके।
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नदियों के जलस्तर पर भी बनी रिपोर्ट
मेरठ से लेकर प्रयागराज तक के हिस्से में तैयार हुई हाइड्रोलॉजी रिपोर्ट में मानसून के दौरान सभी नदियों के जल स्तर के बारे में भी बताया गया है। वहीं, सिल्ट से ब्रिज ढांचा पर कोई नुकसान होगा या नहीं, ये सभी रिपोर्ट में लिखा गया है ताकि निर्माण या बाद में किसी भी तरह का नुकसान ढांचे को न हो सके। रिपोर्ट तैयार होने के बाद अब अगली प्रक्रिया कंपनी चयन और उसके बाद टेंडर की होगी।