ॉकलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे में 14 कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर रेल कर्मियों में रोष है। आंदोलन के लिए लामबंद हुए रेल कर्मियों ने सोमवार को काला दिवस मनाने का एलान किया है। सभी रेल कर्मचारी काली पट्टी बांधकर सिटी स्टेशन पर विरोध जताएंगे। वहीं नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन नेताओं का कहना है बिना जांच के ही इतने कर्मचारियों की बर्खास्तगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने बर्खास्तगी से पहले किसी भी कर्मचारी का जवाब लेना भी उचित नहीं समझा।
19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस खतौली में डिरेल हो गई थी। इसमें ट्रेन के 12 कोच पटरी से उतरकर एक दूसरे पर चढ़ गए थे। दुर्घटना में 22 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज्यादा घायल हुए थे। हादसे के बाद रेलवे बोर्ड चेयरमैन से लेकर जीएम और डीआरएम को हटाने केे अलावा चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हुए सेक्शन के दस गैंगमैन, एक ट्राली मैन, एक लुहार और एक ट्रैक मैन के अलावा पहले से निलंबित चल रहे पीडब्लूआई प्रदीप कुमार को बर्खास्त कर दिया था। वहीं रेलवे की सभी यूनियन इस मुद्दे पर एकमत से विभागीय कार्रवाई का पुरजोर विरोध कर रही है। इस कड़ी में सोमवार को सेक्शन के सभी कर्मचारियों ने काला दिवस मनाने का निर्णय लिया है।
नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन के शाखा सचिव सुभाष शर्मा ने बताया कि दोपहर बारह बजे सेक्शन के सभी रेलवे कर्मचारी सिटी स्टेशन पर एकत्र होकर गेट मीटिंग करेंगे और हाथ पर काली पट्टी बांधकर जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। सुभाष शर्मा ने बताया कि ऐसी घटनाओं में जांच कमेटी कर्मचारियों को नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाती है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। बर्खास्त किए गए किसी भी कर्मचारी को कमेटी ने नहीं बुलाया और सीधे तौर पर आरोपी मानते हुए बर्खास्त कर दिया।