एक दावा यह भी
शहजाद राय शोध केंद्र के निदेशक अमित राय जैन कहते हैं कि वेदों में वर्णित है कि प्राचीन समय में समाज के उच्च एवं शाही परिवार के महत्वपूर्ण लोगों को अति विशिष्ट विधि पूर्वक उनके रोजमर्रा के साजो सामान, खाद्य सामग्री युद्ध के अस्त्र-शस्त्र सहित दफनाते थे, तो वहीं उसी समय में समाज के आमजन साधारण या सैनिकों को आग में जलाकर दाह संस्कार करने की भी परंपरा रही होगी।
चौथे चरण की होगी खोदाई
सिनौली उत्खनन स्थल से प्रतिदिन कुछ ना कुछ आश्चर्यजनक पुरावशेष प्राप्त हो रहे हैं। इसी के मद्देनजर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पुराविद अत्याधुनिक विधियों से सिनौली उत्खनन का चारों ओर का सर्वेक्षण कर चतुर्थ चरण की खोदाई के लिए कर रहे हैं।
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