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उग्र हुआ किसानों का आंदोलन, पुलिस से बनी टकराव की स्थिति

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उग्र हुआ आंदोलन, पुलिस से बनी टकराव की स्थिति
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मेरठ। अधिग्रहीत 19 गांवों की जमीन के मामले में एकसमान मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा किसान आंदोलन रविवार को उग्र हो गया। कमिश्नरी के सामने चौधरी चरण पार्क पर धरना दे रहे सैकड़ों किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान कल्याण समिति के पदाधिकारियों, सपा व रालोद नेताओं ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। कमिश्नरी गेट पर किसानों की कई बार पुलिस व पीएसी से टकराव की स्थिति बनी। शाम को आंदोलनकारियों का प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम से मिला, जहां किसानों को आश्वासन ही मिला।
किसान कल्याण समिति के बैनर तले किसानों का धरना चौधरी चरण सिंह पार्क में रविवार को भी जारी रहा। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि 12 सूत्रीय मांगपत्र मनवाने के बाद ही यहां से उठेंगे। वहीं, यह भी मांग की गई कि चार नवंबर को बागपत आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने यह प्रकरण रखने की अनुमति दी जाए। नहीं तो छह नवंबर को मुख्यमंत्री के मेरठ आगमन पर किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कराई जाए। नहीं तो विरोध किया जाएगा।
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रविवार दोपहर किसानों ने कमिश्नरी को घेरने की घोषणा की तो सीओ सिविल लाइन हरिमोहन सिंह ने पुलिस बल और आरआरएफ को कमिश्नरी के मुख्य गेट पर तैनात कर दिया। दोपहर करीब 3:30 बजे किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष दलवीर सिंह, कोषाध्यक्ष सतीश राठी, बबली गुर्जर, शैलेंद्र प्रधान, उपाध्यक्ष अमरजीत, बबली कसाना, सपा नेता अतुल प्रधान, बसपा नेता अनिल गौतम, बब्बू सिंह आर्य, सतपाल चौधरी, टीकम नागर, महेश प्रधान और रालोद नेताओं ने मेरठ कॉलेज गेट, कमिश्नरी गेट और कमिश्नरी पार्क के बाहर करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया।
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