यूपी के मेरठ में सरधना क्षेत्र के औरंगानगर रार्धना गांव में गुरुवार को प्रेमी युगल की मौत के मामले में बखेड़े के बाद शुक्रवार दिन भर तनावपूर्ण शांति रही। आरएएफ, पीएसी और पुलिस फोर्स की मौजूदगी के बीच एक अनजानी दहशत बरकरार रही। किशोरी तनु के शव का गांव में ही संगीनों के साये में अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन सांप्रदायिक तनाव के चलते युवक खालिद के शव को गांव के बजाय सरधना में कालंद चुंगी के पास कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
शुक्रवार सुबह गांव के श्मशान घाट पर किशोरी के शव के अंतिम संस्कार के दौरान भाजपा विधायक ठा. संगीत सिंह सोम और ठाकुर चौबीसी के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। इस बीच भारी भीड़ को देखते खालिद के शव को शाम को पोस्टमार्टम के बाद गांव में न लाकर नगर के मोहल्ला कमरानवाबान निवासी खालिद के बडे़ भाई आस मोहम्मद के घर लाया गया। जहां से कब्रिस्तान ले जाया गया। इस दौरान एसपी देहात राजेश कुमार, एसडीएम सरधना अमित भारती, तहसीलदार अविनाश कुमार, सीओ सरधना संतोष कुमार सिंह और इंस्पेक्टर सरधना के अलावा कई थानों की फोर्स और पीएसी गांव में तैनात रही।