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गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पूर्व एमएलसी का अंतिम संस्कार

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गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पूर्व एमएलसी का अंतिम संस्कार
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मेरठ। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पूर्व शिक्षक एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा का रविवार को सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। शास्त्री नगर बी ब्लॉक स्थित उनके आवास से अंतिम यात्रा दोपहर 1:57 बजे शुरू हुई। उनकी अर्थी को कंधा देने के लोग उमड़े।
तेजगढ़ी चौराहे तक उनके पार्थिव शरीर को कंधे पर लाया गया। इसके बाद फूलों से सजे वाहन में रखकर गढ़ रोड से सूरजकुंड लाया गया। गाड़ी के पीछे सैकड़ों लोग करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर 3:12 बजे श्मशान घाट पहुंचे। इस दौरान लोग ओम प्रकाश शर्मा अमर रहें के नारे लगाते रहे। श्मशान घाट पर सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने हथियार झुकाकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उनके शव को बेटे इंजीनियर अमित प्रकाश ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा के दौरान गढ़ रोड व हापुड़ रोड पर कुछ देर के लिए जाम भी लगा।
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अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
शिक्षक संगठन के सभी नेता ओम प्रकाश शर्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए रात से ही पहुंचने लगे थे। अंतिम यात्रा शुरू होने से पहले तक लोग श्रद्धांजलि देने आवास पर आते रहे। उत्तराखंड की नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, शहर विधायक रफीक अंसारी, सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई, मंत्री सुनील भराला, पूर्व विधायक विनोद हरित, विधायक सोमेंद्र तोमर, पूर्व एमएलसी हेम सिंह पुंडीर, पूर्व मंत्री मेराजुद्दीन, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राजकुमार, पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद, सपा नेता जयवीर सिंह, पूर्व मंत्री अयूब अंसारी, बाबर खरदौनी, चैतन्य देव स्वामी, हिफ्जुर्रहमान अंसारी आदि मौजूद रहे।
शोक में परिवार
ओम प्रकाश शर्मा के दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे अमित प्रकाश इंजीनियर हैं। छोटे बेटे डॉ. अखिल प्रकाश न्यूरो सर्जन हैं। पुत्रवधू डॉ. पूजा शर्मा स्वास्थ्य विभाग में एसीएमओ हैं। पुत्रवधु बिंदु शर्मा विवि में प्रोफेसर हैं। बेटी अंजू शर्मा शांता स्मारक में प्रधानाचार्य और दूसरी बेटी नोएडा में जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका हैं।
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शिक्षक जगत के एक युग का अंत
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के पदाधिकारियों ने पूर्व एमएलसी को श्रद्धांजलि दी। राम सहाय इंटर कॉलेज में प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया गया। इस दौरान डॉ. उमेश त्यागी, अरुण पाल आत्रे, सुशील सिंह, राजवीर राठी, विजेंद्र ध्यानी, सुखनंदन त्यागी आदि शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षक जगत के एक युग का अंत हो गया। उनके नेतृत्व में मिली उपलब्धियों को नकारा नहीं जा सकता।
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