खाकी की नाकामी छिपाने में लगे अफसर
मेरठ। पुलिस-प्रशासन के लिए इससे ज्यादा और क्या नाकामी हो सकती है कि बली गांव में मतदान के समय स्कूल परिसर में प्रधान के बेटे अनित गुर्जर की पुलिस व पीएसी के सामने गोली मारकर हत्या कर दी जाए। हत्यारोपी पिस्टल से फायरिंग कर फरार हो जाए और पुलिस फोर्स को कमरों में घुसकर जान बचानी पड़े। अफसर अब सिस्टम की नाकामी को छिपाने में लगे हैं।
भाजपा विधायक दिनेश खटीक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और एसओ परीक्षितगढ़ पर भी आरोप लगाकर इस घटनाक्रम का जिम्मेदार ठहराया है। एसओ करतार सिंह का मेरठ में तैनाती के समय विवादों से पुराना नाता रहा है। बिजली बंबा चौकी पर तैनात रहते हुए भाजपा नेताओं ने गोकशी को लेकर जमकर बखेड़ा किया था। जिसके बाद एसआई करतार सिंह को चौकी इंचार्ज पद से हटा दिया गया था।
उसके बाद करतार सिंह को एसओ भावनपुर बनाया गया तो एक गांव में किशोरी के साथ चार युवक छेड़छाड़ करते थे। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद दुस्साहस दिखाते हुए आरोपी युवकों ने दुष्कर्म की कोशिश की। विरोध करने पर किशोरी पर तेल छिड़ककर आग लगा दी। जिसके बाद बवाल मचा तो एसओ करतार सिंह को भावनपुर से निलंबित किया गया था। उसके बाद फलावदा एसओ रहते हुए एक सिपाही की हत्या कर दी गई थी। अब शनिवार को मतदान के समय बली गांव में प्रधान के बेटे की हत्या कर दी गई तो लखनऊ तक हड़कंप मच गया। लेकिन अफसर एसओ को भी बचाने में लग गए हैं।