दौराला। गांव मटौर में स्वच्छता अभियान के तहत एनएच 58 की जमीन शौचालय निर्माण कराने के साथ विभिन्न स्थानों पर लाखों रुपये की लागत से इंटरलाकिंग टाइल्स का निर्माण कराया गया है। वहीं, सफाई के नाम पर लाखों रुपये मिलने के बाद भी पंचायतघर के सामने गंदगी के ढेर लगे हैं।
मटौर गांव के लोग सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहे हैं। गांव में एनएच 58 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत भूमि सर्विस रोड का निर्माण चल रहा है। उस पर ग्राम प्रधान ने रास्तों का निर्माण करा दिया है। एनएच 58 किनारे बने शौचालयों पर लटके ताले सरकारी धन के दुरुपयोग की कहानी बंया कर रहे हैं। शासन से स्वच्छता को लेकर लाखों रुपये मिलने के बाद भी गांव के चारों और गंदगी पसरी हुई है। ग्राम पंचायतघर के सामने गंदगी के ढेर लगे हैं। जिसके चलते ग्रामीणों का पंचायत भवन के सामने से गुजरना दुश्वार हो रहा है। वहीं, ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत कर गांव में विकास कार्यों की जांच कराने मांग की है।
शौचालयों का नहीं हो रहा इस्तेमाल
हाईवे किनारे शौचालय निर्माण होने से ग्रामीण इनका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। अधिकतर शौचालयों पर ताले लटके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ये शौचालय उनके घरों में बने होते तो इस्तेमाल में आते, लेकिन हाईवे दहशत के चलते इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
सरकारी धन का दुरूप्रयोग
हाईवे पर मटौर गांव में सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ अन्य गांवों में शौचालयों के निर्माण के नाम पर जमकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों की माने तो मटौर के अतिरिक्त हाईवे किनारे वलीदपुर, कनौड़ा व दशरथपुर आदि गांवों में भी एनएचएआई द्वारा अधिग्रहीत भूमि पर ग्राम प्रधानों द्वारा शौचालयों का निर्माण कराकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
वर्जन
हाईवे की जमीन पर शौचालय निर्माण सरकारी धन का गलत इस्तेमला है। कई जगह ये शिकायत मिली हैं। ग्राम प्रधानों को पहले भी बताया गया था। हाईवे किनारे शौचालय निर्माण की सूची बनाकर अधिकारियों को दे दी गई है। जंाच कर कार्रवाई की जाएगी। -किरणपाल सिंह, एडीओ पंचायत दौराला ब्लॉक