मेरठ। 29 जुलाई को पकड़ी गई नकली दवा में अभी जांच शुरू नहीं हो पाई है। 25 लाख रुपये कीमत की नकली दवाई कहां से आई थी, इस सवाल का जवाब कोई भी जिम्मेदार देने को तैयार नहीं है।
लिसाड़ी गेट पुलिस ने दवाई के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एक कार और स्कूटी भी बरामद हुई थी। इस दौरान पुलिस और औषधि विभाग की टीम पर हमला भी किया था, जिसमें कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। आरोपियों के पास से पांच प्रकार की दवाइयां मिली थीं।
इनकी सैंपल की जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भिजवाए गए हैं। उनकी रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा की एंटीबायोटिक के नाम पर बेची जा रही दवाओं में कौन सा साल्ट मिलाया गया था और कौन सा नहीं। कोई साल्ट था भी या नहीं। लेकिन ये दवाई कहां बन रही थी, कौन बना रहा था, इन सवालों के जवाब नहीं मिल पाए थे।