आजादी के बाद फैलाया शिक्षा का उजियारा
स्वतंत्रता सेनानी वेदपाल शास्त्री ने आजादी के बाद शिक्षा का उजियारा फैलाया। लाहौर से शास्त्री की पढ़ाई कर लौटे तो गुरुकुल डौरली में संस्कृत के शिक्षक बन गए। इसके बाद 53 साल तक संस्था से जुड़े रहे। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उनके कार्य भी लोगों को हमेशा याद रहेेंगे। स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक और साहित्यकार के तौर पर उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
वेदपाल शास्त्री डौरली में जन्में, यहीं पर पढ़े और देशसेवा के साथ शिक्षा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दी। उन्होंने लाहौर विश्वविद्यालय से शास्त्री की पढ़ाई की थी। लाहौर से लौटकर वह गुरुकुल डौरली में संस्कृत के अध्यापक रहे।
यहीं पर 1972 से 1985 तक प्रधानाचार्य का कार्यभार संभाला। इसके अलावा वह डीएमजी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य भी रहे। उनके परिवार में तीन पुत्र थे, जिनमें एक की मृत्यु हो चुकी है।