मुजफ्फरनगर में गांव निरधना के एक मदरसे में एक बालक को जंजीर से बांधकर रखने का मामला सामने आया है। बालक शनिवार को किसी तरह से मदरसे से बाहर भाग आया और वहां से बाइक से गुजर रहे जिला पंचायत सदस्य राकेश वशिष्ठ को रोककर बताया कि उसे जबरन मदरसे में रखा जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य उसे लेकर थाने पहुंचे।
पुलिस गांव निरधाना निवासी बालक के रिश्तेदार को पकड़कर थाने ले आई। उससे पूछताछ और पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बालक की मां ही उसकी शरारतों और हरकतों से तंग आकर उसे जंजीर से बांधकर मदरसे में छोड़ गई थी। बालक सहारनपुर के गांव मोहन अंबेहटा का रहने वाला है। गांव निरधाना में उसकी मौसी रहती है। बाद में बालक के थाने पहुंच जाने और उसके एक रिश्तेदार के पुलिस की हिरासत में होने की जानकारी होने पर अन्य परिजन, मदरसे के मौलवी जाबिर, ग्राम प्रधान पति जमशेद, हैबतपुर प्रधान फुरकान कस्बे के पूर्व चेयरमैन पति इस्लामुद्दीन समेत दर्जनों लोग थाने पहुंच गए और पुलिस को हकीकत बताई। इसके बाद पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य राकेश वशिष्ठ की सुपुर्दगी में बालक को उसके गांव छुड़वा दिया। उधर, थाना प्रभारी गिरीश चंद शर्मा ने बताया कि परिवारीजनों ने खुद ही जंजीर डाली थी, लेकिन मदरसे के संचालकों को इस तरह के अमानवीय कृत्य से बचना चाहिए था। दोनों पक्षों को चेतावनी देकर मामले में सुलहनामा करा दिया।
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