मेरठ। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में कारोबारी, अधिकारी आदि अपात्रों के लाभार्थी बनाए जाने का मामला चल ही रहा है कि अब मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में भी गड़बड़झाले के आरोप लगने लगे हैं। इस योजना में भी अपात्रों के पात्र बनाए जाने की शिकायतें आ रही हैं।
इस योजना के तहत अभी भी 10 हजार परिवारों के कार्ड नहीं मिले हैं। बिना पते के आरोग्य कार्ड जारी किए जाने के कारण यह समस्या आई है। ऐसे परिवार जो जरूरतमंद होने के बावजूद प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल नहीं हो पाए थे, उनके लिए मुख्यमंत्री की जन आरोग्य योजना शुरू की गई है। महानगर के 39 हजार परिवार चिह्नित किए गए हैं, जिनके करीब दो लाख लोग इस योजना का लाभ ले सकेंगे। एक परिवार को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा, यानी वह पांच लाख रुपये तक का सालाना इलाज निशुल्क करा सकेंगे। इनमें 21 हजार परिवार शहरी और 18 हजार देहात क्षेत्र के हैं। इसमें भी वही 61 अस्पताल पंजीकृत हैं, जो आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग ने पंजीकृत किए हुए हैं।