शहर के अलावा कैंट में रोजाना जलाया जा रहा कूड़ा, स्मॉग का असर बढ़ा
माई सिटी रिपोर्टर/संवाद
मेरठ/मोदीपुरम। एक सप्ताह पहले देश में सबसे प्रदूषित शहरों की श्रेणी में शामिल रहे मेरठ की हवा रविवार को फिर बिगड़ गई। औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 363 पहुंचने पर मेरठ रविवार को एनसीआर में चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा। पहले पर ग्रेटर नोएडा 392, दूसरे पर गाजियाबाद 379 और तीसरे पर बागपत 369 रहा।
महानगर में हवा की सेहत लगातार बिगड़ रही है। शहर में तड़के पांच बजे के आसपास कबाड़ी बाजार में कूड़ा जलाया जाता है। इसके अलावा औद्योगिक एरिया में कूड़े में आग लगायी जाती है। कैंट एरिया में भी जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। रविवार सुबह भी काठ का पुल पर काफी संख्या में कूड़ा जलाने पर आसपास काफी धुआं रहा। लगातार जुर्माना लगने के बाद भी इस पर रोक नहीं लग पा रही है। रविवार को दशहरा पर सुबह से ही आसमान पर स्मॉग की हल्की चादर रही जो रात होते-होते मोटी हो गई। वैज्ञानिकों के अनुसार कूड़ा जलने के अलावा त्योहार पर वाहनों की ज्यादा आवाजाही और पुतलों के दहन से भी प्रदूषण बढ़ा है। शहर में पल्लवपुरम क्षेत्र में सबसे ज्यादा एक्यूआई 392 रहा। यहां हाईवे पर वाहनों की सबसे ज्यादा आवाजाही रही। इसके अलावा शहर में गंगानगर, जयभीमनगर और बेगमपुल पर एक्यूआई क्रमश: 361, 323 व 380 रहा। दिवाली से एक दिन पहले, खास दिवाली पर और दिवाली से एक दिन बाद आतिशबाजी होने से प्रदूषण में काफी इजाफा होगा।