एनसीआर में फैली वायु प्रदूषण की चादर की चपेट में मंडल के चार शुगर मिलें भी आ गई हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिना एनओसी मिलों को चलाने से मना कर दिया है। इसके चलते अब तक खरीदा गया करीब 50000 क्विंटल गन्ना सूखने की कगार पर पहुंच गया है। गन्ना विभाग का कहना है कि मौसम तेजी से साफ हो रहा है। एक दो दिन में मिलों को एनओसी मिल जाएगी।
खेतों में पराली जलाने और दिवाली पर आतिशबाजी के कारण पर्यावरण का हाल बेहाल है। वायु प्रदूषण के चलते मेरठ मंडल में जिले की सकौती और मोहिउद्दीनपुर मिल के अलावा बुलंदशहर की साबितगढ़ और अनामिका शुगर मिल को चलाने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी नहीं मिली है। बोर्ड ने जरूरी उपाय करने तक इन मिलों को एनओसी देने से इंकार कर दिया है। अनामिका मिल तीन नवंबर और बाकी शुगर मिलें छह नवंबर से पेराई सत्र शुरू करने जा रही थीं। इन मिलों ने गांवों में सेंटर स्थापित कर करीब 50000 क्विंटल गन्ने की खरीद भी कर ली है। शुगर मिल नहीं चलने पर गन्ने की पेराई नहीं हो सकेगी। इससे न केवल शुगर मिलों को नुकसान होगा बल्कि किसानों को भी गन्ना छिलाई बंद करनी पड़ेगी। किसानों के सामने पशुचारे और गेहूं बुआई का संकट खड़ा हो जाएगा। मंडल के उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि चारों शुगर मिलों ने एनओसी के लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है। मौसम भी साफ होने लगा है। उम्मीद है कि एक दो दिन में बोर्ड की एनओसी मिल जाएगी।