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काली नदी को मैला कर रहे नाले

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बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र से होकर जा रहे नाले में बहता केमिकल्स युक्त प्रदूषित पानी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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काली नदी को मैला कर रहे चार नाले
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मुजफ्फरनगर। जिले की औद्योगिक इकाइयों से निकला पानी चार नालों के जरिए काली नदी में पहुंचकर उसे मैला कर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने 34 इकाइयों को चिन्ह्ति किया है, जिनका पानी इन नालों के जरिए काली नदी में पहुंच कर उसे मैला कर रहा है। इन औद्योगिक इकाइयों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
जिले में मेरठ रोड, भोपा रोड, जानसठ रोड और बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों में 29 पेपर मिल, दो डिस्टलरी, एक स्लाटर हाउस, दो बड़ी केमिकल्स फैक्टरी, जिनसे निकला पानी चार प्रमुख नालों जटमुझेडा, धंधेडा, सहावली और मंसूरपुर नाले जरिए काली नदी में पहुंचता है। अमर उजाला ने उक्त चारों नालों का हाला जाना तो पाया कि इन नालों में भारी मात्रा में प्रदूषित पानी बह रहा है, जो बोपाड़ा में जाकर काली नदी को प्रदूषित कर रहा है।
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जटमुझेडा नाला:-भोपा रोड से निकलने वाले इस नाले में भोपा रोड और जानसठ रोड के अधिकांश पेपर मिलों का पानी बहता है। ईटीपी प्लांट लगाए जाने के बावजूद इस नाले में दूषित पानी बहाया जा रहा है।
धंधेड़ा नाला:-यह नाला भी भोपा रोड और जानसठ रोड से होकर बहता है, जो जानसठ रोड पर आकर जटमुझेडा नाले में मिल जाता है। इस नाले में भी पेपर मिल, स्लाटर हाउस, डिस्टलरी का पानी आता है।
सहावली नाला:-यह नाला रथेडी, नसीरपुर से होकर सहावली आता है, इसमें ही आधे शहर का पानी जाता है। उक्त तीनों नाले नरा गांव में जाकर एक हो जाते हैं। यह बड़ा नाला बन कर बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र से होकर बहता है। इन तीनों नालों का पानी बेगराजपुर गांव के पास काली नदी में गिरता है।
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- मंसूरपुर नाला:- यह नाला मंसूरपुर से निकल रहा है। मंसूरपुर क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों का पानी गांव बोपाड़ा से होता हुआ काली नदी में गिरता है।
- औद्योगिक इकाइयों से होकर बह रहे चारों नाले काली नदी में जाकर मिलते है। इन नालों पर स्थित 34 इकाइयों को चिह्नित किया गया है। प्रदूषित पानी न बहाया जाए, इसके लिए एक जेई की इकाइयों पर नियुक्ति की गई है। जल्द ही नालों को प्रदूषण से मुक्त कराने का अभियान चलाया जाएगा।
- अंकित सिंह
- क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
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