उधर, नकुड़ के गांव अध्याना में 24 वर्षीय देवेंद्र की सहारनपुर शहर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। पिता मदन सिंह ने बताया कि बताया कि देवेंद्र चंडीगढ़ में प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। घर आया हुआ था तीन दिन पहले बुखार आया, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई। नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां देवेंद्र की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
अध्याना में 24 घंटे में चार मौतों से छाया मातम
नकुड़ के गांव अध्याना में बुखार से देवेंद्र की मौत के साथ ही दो अन्य लोगों की भी मौत हुई। देवेंद्र के अलावा गांव के ही 45 वर्षीय अनिल पुत्र जनक वाल्मीकि की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि अनिल टीबी का मरीज था। दो माह से बुखार चल रहा था, जिससे वह उबर नहीं पाया और मौत हो गई। इनके अलावा 75 वर्षीय रामकुमार शर्मा की मौत हुई। मौत की वजह कैंसर बताया गया है। रामकुमार के पुत्र विकास ने बताया कि करीब चार माह पहले उनकी माता उर्मिला देवी की मौत भी कैंसर ही की वजह से हुई थी। इससे पहले बृहस्पतिवार को कैंसर से पीड़ित भक्ति देवी पत्नी मंगलसिंह त्यागी की मौत हो गई थी। 24 घंटे में चार मौतों से गांव में मातम छाया हुआ है।
गांव अध्याना में बुखार से मौत की सूचना थी, मगर जांच में पता चला है कि मरने वाले युवक का एक सप्ताह पहले एक्सीडेंट हुआ था, जिसकी वजह से उसकी हालत गंभीर चल रही थी। चकदेवली, पटनी और अगवानहेड़ा में मौतों की जानकारी नहीं है। पता लगवाया जा रहा है। यदि उक्त गांवों में बुखार का प्रकोप है तो उसकी रोकथाम के उपाय किए जाएंगे।
- डॉक्टर शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/