नगर निगम प्रशासन ने शहर में चार स्थानों पर वाहन पार्किंग का ठेका छोड़ने के लिए टेंडर निकाले थे। सोमवार को ठेकेदारों ने बोली लगाई, जिनमें से दो ही स्थानों का ठेका छोड़ा गया।
नगर निगम की वाहन पार्किंग न होने के कारण सड़कों पर ही वाहन खड़े होते हैं। कुछ लोग अवैध रूप से वाहन पार्किंग सड़कों पर संचालित करके शुल्क वसूली कर रहे हैं। ऐसे में नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को नगर निगम के सभागार में वाहन पार्किंग के ठेके छोड़े। अपर नगरायुक्त रामभरत तिवारी के नेतृत्व में संपत्ति अधिकारी दिनेश यादव, लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी आदि अधिकारियों ने टाउन हॉल, सूरजकुुंड पार्क, कचहरी गेट और मूलचंद सरबती देवी अस्पताल की वाहन पार्किँग के ठेके छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। जिसमें मूलचंद सरबती देवी अस्पताल का ठेका 6.23 लाख में छूटा, जबकि पिछले साल यह ठेका 2.77 लाख रुपये में ही छूटा था। वहीं टाउन हॉल का ठेका 27 लाख में छूटा, जो पिछली बार 13 लाख में छूटा था। इस दौरान कुछ ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि निगम कचहरी पश्चिमी गेट पर वाहन पार्किंग का ठेका तो छोड़ देती है लेकिन अवैध रूप से चल रही पार्किंग को बंद नहीं कराती है। जिसके कारण ठेकेदार को नुकसान उठाना पड़ता है। इस पर काफी देर तक गहमा गहमी होती रही। अंत में ठेकेदारों ने बोली लगाने से इनकार कर दिया। सूरजकुंड पार्क पर वाहन पार्किँग के लिए एक ही ठेकेदार बोली लगाने पहुंचा। जिसके वहां का ठेका नहीं छूट पाया।