मां शाकुंभरी देवी की ज्योति लेकर घर लौट रहे कुशावली के श्रद्धालुओं के लिए शनिवार का दिन साबित हुआ। सहारनपुर के देवबंद में हुए सड़क हादसे ने इस गांव के चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। किसी ने अपना जवान बेटा खो दिया तो किसी के सिर से पिता का साया उठ गया। किसी मां की गोद सूनी हो गई तो किसी सुहागन के माथे का सिंदूर उजड़ गया। इस हादसे में घायल 12 श्रद्धालुओं को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है।
हादसे में जान गंवाने वाले 45 वर्षीय पंकज पुत्र ओमप्रकाश मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी पत्नी ज्योति और दो बेटे अभय व निखिल हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। 16 वर्षीय निखिल भी अपने पिता के साथ मां शाकुंभरी देवी की ज्योत लेने गया था, लेकिन हादसे में वह घायल हो गया।
पंकज की मौत से पत्नी ज्योति के सामने पति को खोने का असहनीय दुख और घायल बेटे के उपचार की चिंता एक साथ खड़ी हो गई है। मजदूरी करके परिवार चलाने वाले पंकज के जाने से घर के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। पंकज की मां मुन्नी का करीब 15 वर्ष पहले बीमारी के चलते निधन हो चुका है।
सागर की मौत से मां सुमन का उजड़ा संसार
हादसे में जान गंवाने वाले 24 वर्षीय सागर सोम पुत्र राजेंद्र सहारनपुर की एक कंपनी में नौकरी करते थे। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई दीपक और दूसरे नंबर पर अर्जुन हैं। सागर अविवाहित थे और अभी उनकी पूरी जिंदगी सामने थी। परिवार को उनसे कई उम्मीदें थीं, लेकिन सड़क हादसे ने सारे सपने छीन लिए। बेटे की मौत से मां सुमन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सागर का 21 वर्षीय भतीजा अंकुर पुत्र नरेंद्र भी घायल हो गया।
पूरी नहीं हुई अमन की इच्छा, मां को लगा गहरा सदमा
हादसे में जान गंवाने वाले 26 वर्षीय अमन पुत्र चंदन कैपरी फाइनेंस कंपनी में नौकरी करते थे। दो भाइयों में छोटे अमन के बड़े भाई अजय और मां का नाम कविता का रो रोकर बुरा हाल हो गया है। जिस उम्र में अमन को जिंदगी के नए सपने पूरे करने थे, उस उम्र में उनकी जिंदगी का सफर थम गया। परिवार के लिए यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकेगी। घर में अब उनके लौटने का इंतजार नहीं, बल्कि उनकी यादें रह गई हैं।
खेती करके परिवार पालते थे बिल्लू उर्फ रमेश
हादसे में जान गंवाने वाले 55 वर्षीय बिल्लू उर्फ रमेश पुत्र सुरजबली खेती-किसानी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी पत्नी गुड्डी हैं। परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए रमेश ने जीवन का लंबा सफर तय किया था, लेकिन सड़क हादसे ने उनका साथ हमेशा के लिए छीन लिया। पति की मौत से गुड्डी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दोस्त ने यात्रा पर जाने से किया था मना
इस हादसे से जुड़ी एक और बात चर्चा में है कि भामोरी निवासी राजू, बिल्लू उर्फ रमेश का मित्र था। राजू ने इस यात्रा पर जाने से मना कर दिया था, जबकि रमेश अपने साथियों के साथ मां शाकुंभरी देवी की ज्योति लेने चले गए। घर लौटते समय हुए हादसे में उनकी जान चली गई। अब राजू के यात्रा पर न जाने की बात भी इस दर्दनाक घटना के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
चाय-पानी के लिए रुके थे श्रद्धालु, कंटेनर ने मारी टक्कर
रातभर सफर करने के बाद शनिवार सुबह सभी श्रद्धालु देवबंद क्षेत्र में चाय-पानी के लिए रुके थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में जोरदार टक्कर मार दी। पूर्व विधायक संगीत सोम व मिलन सोम मौके पर पहुंचे और हादसे पर दुख जताया।
माता की ज्योति लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं को कैंटर ने रौंदा, चार की मौत, 15 घायल
सहारनपुर के देवबंद में मां शाकंभरी देवी से ज्योति लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं को शनिवार सुबह देवबंद हाईवे पर तेज रफ्तार कैंटर ने रौंदते हुए आगे चल रही ज्योति, ट्रॉली और डीजे वाहन को भी टक्कर मार दी। हादसे में मेरठ के सरधना निवासी अमन (23), रमेश उर्फ बिल्लू (45), सागर (25) और सतेंद्र (40) की मौत हो गई, जबकि 15 श्रद्धालु घायल हो गए। पुलिस ने चालक-परिचालक को हिरासत में ले लिया है। कैंटर को क्लीनर चला रहा था, जबकि चालक पीछे सो रहा था। क्लीनर को झपकी आने की वजह से हादसा हुआ।
मेरठ की सरधना तहसील क्षेत्र के गांव कुशावली के 19 श्रद्धालु सात अक्तूबर को माता शाकंभरी देवी के दर्शन करने आए थे। शनिवार सुबह करीब सात बजे सभी माता की ज्योति लेकर पदयात्रा करते हुए लौट रहे थे। देवबंद में हाईवे पर स्थित फ्लाईओवर पर श्रद्धालुओं ने रस्सी का घेरा बनाया और कुछ देर के लिए रुक गए। उनके साथ चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली, डीजे लगा छोटा हाथी वाहन और माता की ज्योति से सजी रेहड़ी सड़क किनारे खड़ी कर दी। इसके कुछ श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्राॅली में जाकर बैठ गए और कुछ फ्लाईओवर से नीचे चले गए, जबकि कुछ श्रद्धालु ज्योति के पास खड़े रहे।
इसी बीच पीछे से आया बर्तनों से लदा तेज रफ्तार कैंटर श्रद्धालुओं को रौंदते हुए ज्योति वाले रेहड़े को तोड़कर उसके आगे खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा टकराया। इसमें श्रद्धालुओं के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अपनी गाड़ियों, राहगीरों की बाइकों और एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल पहुंचाया। सीएचसी पर चिकित्सकों ने अमन, रमेश उर्फ बिल्लू को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर हालत में सागर और सतेंद्र की जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि कैंटर क्लीनर चला रहा था। चालक पीछे वाली सीट पर सो रहा था। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है।
हादसे में यह श्रद्धालु हुए घायल
हादसे में सुमित (19), बिट्टू (22), वंश (17), कुलदीप (29), नरेंद्र (60), मोनू (23), मन्नू (9), निखिल (18), सन्नी (23), रवि (45), जितेंद्र (22), विक्रांत (20), रजनीश (40), अंकुर (24) और ऋतिक (14) घायल हो गए। इनमें आठ घायलों को गंभीर हालत में मेरठ, जबकि अन्य को सहारनपुर रेफर किया गया।