पीवीवीएनएल के अंतर्गत आने वाले बागपत जिले में हुए 3 करोड़ 68 लाख रुपये के बिलिंग घोटाले में 29 कर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी है। इतनी बड़ी कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
कंपनी एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि विद्युत वितरण खंड प्रथम बागपत में राजस्व कैश बुक से फ्लूएंट ग्रिड सॉफ्टवेयर सिस्टम एवं एचसीएल सिस्टम के लेखों का री कंसिलेशन करने पर 3.68 करोड़ रुपये गबन का मामला सामने आया था। इसमें उपभोक्ताओं से प्राप्त धनराशि आरोपियों द्वारा विभाग में जमा नहीं कराई गई थी। प्रकरण की जांच चार सदस्यीय समिति गठित कर कराई गई थी, जो बिलिंग क्लर्क एवं रोकड़िया द्वारा उपभोक्ताओं से प्राप्त राजस्व धनराशि विभाग में जमा न कराने की जांच कराई थी। समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर 29 कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इसमें 7 अधिशासी अभियंता, 4 एसडीओ, 2 सहायक अभियंताओं को आरोप पत्र निर्गत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त दो लेखाकार, दो मुख्य रोकड़िया, चार कार्यालय सहायक, चार टीजी-2 और एक अवर अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर आरोप पत्र निर्गत किए गए हैं।
एमडी ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अवर अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम लोनी सुरेश बाबू (तत्कालीन कैशियर उपखंड प्रथम बागपत) इस संबंध में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम बागपत द्वारा पांच कार्मिकों के विरुद्ध पूर्व में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विभाग में इतनी बड़ी कार्रवाई से अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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