संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के बस्तोरा नारंग गांव में जिला पंचायत द्वारा संचालित गोशाला में करीब 50 गोवंश मौजूद हैं। इनमें से बुधवार को चार गोवंश की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत के अधिकारी और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।
बस्तोरा नारंग गांव स्थित गोशाला में चार गोवंश मरने की सूचना वहां मौजूद केयर टेकर ने जिम्मेदार अधिकारियों को दी। इसके बाद पशु चिकित्सक गोशाला पहुंचे। उन्होंने देखा कि कई दिनों से बीमार चल रहे चार गोवंश मृत अवस्था में पड़े हैं। इस पर तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर जिला पंचायत के अवर अभियंता रोहित कुमार मौके पर पहुंचे और गोशाला में व्यवस्था तथा गोवंश की स्थिति की जांच की। उन्होंने केयर टेकर से गोवंश के स्वास्थ्य, चारे और देखभाल से संबंधित जानकारी ली। साथ ही गोशाला में मौजूद अन्य गोवंश का भी निरीक्षण किया।
प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ओम प्रीति ने बताया कि गोशाला में पिछले कई दिनों से कुछ गोवंश बीमार चल रहे थे। उपचार के दौरान चार गोवंश की हालत अधिक गंभीर थी, जिनकी बुधवार को मौत हो गई। शेष बीमार गोवंश का उपचार जारी है और उनकी हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मृत गोवंश का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बरती जा रही लापरवाही
ग्रामीणों ने गोशाला में गोवंश की देखभाल, चारे और सर्दी से बचाव की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय-समय पर प्रशासन द्वारा निर्देश दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।