गंगा में डूबे तीन युवकों में से पीएसी के जवानों ने एक युवक का शव बरामद कर लिया। अन्य दो युवकों की तलाश चल रही है। हादसे के 24 घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। गंगा घाट पर सैकड़ों ग्रामीण युवकों की तलाश में जुटे रहे। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया। एडीएम ने पीड़ित परिवार को मुआवजे का आश्वासन दिया।
गांव गेसूपुर शुमाली निवासी पोदी (65) का शनिवार को निधन हो गया था। ग्रामीण मृतक के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए खरखाली गांधी घाट पर पहुंचे। मुखाग्नि देने के बाद अंतिम संस्कार में शामिल लोग गंगा स्नान करने लगे। पानी के तेज बहाव में चंद्रपाल, सोनू, बिजेंद्र, भूप सिंह, मनीष और बाबू गंगा में डूबने लगे। ग्रामीणों ने बिजेंद्र और सोनू को किसी तरह बचा लिया था, लेकिन मनीष, बाबू और भूप सिंह तेज बहाव में बह गए। गंगा किनारे पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने युवकों की तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी।
रविवार को पीएसी ने रेस्क्यू ऑप्रेशन के दौरान डूबे युवकों में से भूप सिंह का शव सुबह करीब छह बजे गंगा से निकाला। शव मिलने की सूचना पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। गंगाघाट पर मौजूद बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने मखदूमपुर, ब्रजघाट एवं मेरठ से गोताखोरों को बुलाकर डूबे दोनों युवकों की तलाश कराई। एडीएम प्रशासन दिनेशचंद्र, एसपी देहात डॉ. प्रवीण रंजन, एसडीएम मवाना अरविंद कुमार, सीओ सदर देहात रणविजय सिंह गंगा घाट पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
पीएसी को रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश दिए। पूर्व विधायक योगेश वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, भाजयुमो जिला महामंत्री अमित मोहन टीपू, रमेशचंद्र गौलाबड़, पूर्व विधायक गोपाल काली, रालोद नेता नरेंद्र खजूरी, रालोद युवा जिलाध्यक्ष बिजेंद्र भाटी, ब्लाक प्रमुख केपी खुंटी, पूर्व ब्लाक प्रमुख राजन वर्मा, चेयरपर्सन राजेश देवी ने परिवार के लोगों को सांत्वना देते हुए पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये और सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की।
गम में डूबा भूप सिंह का परिवार
भूप सिंह की मौत से परिवार गम में डूब गया। वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। उसकी पत्नी किरण का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक की दो बेटी युगेंद्री पांच वर्ष और हिना तीन वर्ष की है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी केवल खानापूर्ति कर 15 मिनट में ही मौके से लौट गए।
चले सियासत के तीर
पूर्व विधायक गोपाल काली ने कहा कि सपा के कैबिनेट मंत्री की बेटी जब ऋषिकेश में गंगा नदी में डूब गई थी, तब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकार ने हेलीकॉप्टर, सेना के जवान और सैकड़ों गोताखोर का सहारा लिया था। लेकिन गंगा में डूबे दलित युवकों की तलाश में मात्र पीएसी के कुछ जवान ही लगाए गए हैं। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि 24 घंटे बाद भी क्षेत्रीय विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि मौके पर नहीं पहुंचे।