अनुमोदन में बरती गई अनियमितता
जांच में उप्र शासन वित्त विभाग ने माना कि ऐसे में रिटायर्ड कर्मचारियों को मानदेय पर रखते हुए मानदेय निर्धारण को समय से कार्य परिषद एवं वित्त समिति से अनुमोदित न कराए जाने में अनियमितता बरती गई। इस अनियमितता के लिए विवि के वित्त अधिकारी के रूप में प्रथम दृष्टयता अतुल कुमार सिंह दोषी हैं। उनको 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया है। जांच अधिकारी ने कहा कि अगर वह स्पष्टीकरण देने नहीं पहुंचते हैं तो यह माना जाएगा कि उनके पास अपने बचाव में कहने के लिए कुछ नहीं है। ऐसे में एक पक्षीय जांच पूरी करने की कार्रवाई की जाएगी।
सारे आरोप वित्त नियंत्रक पर
विवि में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की नियुक्ति तत्कालीन कुलपति प्रो. एसके काक ने की, लेकिन इसमें अतुल कुमार सिंह से ही स्पष्टीकरण मांगा गया है। सवाल यह है कि बाकी अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होती है। ऐसे में उनको राहत कैसे मिली।
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