हस्तिनापुर। कस्बे की नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन अरुण कुमार पर शिकायत के आठ साल बाद आय से अधिक संपत्ति रखने का मुकदमा शासन अनुमति के बाद दर्ज कर लिया गया है।
2015 में भाजपा के पूर्व विधायक गोपाल काली ने नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन अरुण कुमार के खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण करने और नगर पंचायत द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों में धांधली व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का शिकायत दर्ज कराई थी। शासन की ओर से विजिलेंस जांच बैठाई गई। गोपाल काली ने यह शिकायत 2019 में जिलाधिकारी से भी की थी। जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम की जांच में वह निर्दोष पाए गए थे।
- आरोपों की पुष्टि के बाद बैठाई गई थी जांच
नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन अरुण कुमार के खिलाफ अवैध निर्माण और निर्माण कार्यों में धांधली से लेकर आय से अधिक संपत्ति की शिकायत शासन से की थी, जिसकी पुष्टि के बाद शासन ने विजिलेंस और जिलाधिकारी ने की जांच बैठाई, जिसमें कई बिंदुओं की पुष्टि हो गई थी। -गोपाल काली, पूर्व विधायक, भाजपा
- षड्यंत्र के तहत मुझे फंसाया जा रहा
राजनीतिक षड्यंत्र के खिलाफ मुझे फंसाया जा रहा है। मैंने अपने जीवन में कोई गलत कार्य नहीं किया है। अगर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कोई आरोप लगाया गया तो उसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे। सत्ताधारी पार्टी के एक मंत्री उनको झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। -अरुण कुमार, पूर्व चेयरमैन, नगर पंचायत, हस्तिनापुर
15 वर्षों तक काबिज रहे चेयरमैन दंपती
हस्तिनापुर। नगर पंचायत सीट पर पूर्व चेयरमैन अरुण कुमार का तिलिस्म पूरे 15 वर्षों तक लगातार चला। जिसे तोड़ने के लिए सभी राजनीतिक दलों के पसीने छूट गए। 2023 में हुए नगर निकाय चुनाव में हस्तिनापुर विधानसभा के विधायक और राज्य मंत्री दिनेश खटीक की बहन सुधा खटीक ने उन्हें शिकस्त देकर उनका यह विजय रथ रोक दिया।
2006 में अरुण कुमार नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्दलीय चुनाव लड़े और विजय प्राप्त की। 2012 के चुनाव में यह सीट एससी महिला के लिए आरक्षित हो गई। जिस बार अरुण कुमार की पत्नी डॉ. सुनीता वर्मा निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए जीती थीं। 2017 में सीट सामान्य रही। एक बार फिर अरुण कुमार ने यहां बसपा से चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की। लगातार 15 साल तक नगर पंचायत सीट पर उनका विजयरथ चलता रहा। 2023 में नगर पंचायत की सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित हुई। इस बार भी अरुण कुमार ने अपनी पत्नी चुनाव मैदान में उतारा। उधर राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने यहां से अपनी बहन सुधा खटीक को मैदान में उतार दिया। जिस पर सुधा खटीक ने जीत दर्ज की।