मेरठ /परतापुर।
मोहिउद्दीनपुर मिल नहीं चलने से आक्रोशित किसानों ने गांव गून में पंचायत कर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। पंचायत में शामिल रालोद नेताओं के आह्वान पर शाम को किसानों ने मोहिउद्दीनपुर मिल के जीएम का घेराव किया। जीएम ने 10 नवंबर से मिल चलाने और जल्द ही बकाया भुगतान के आश्वासन पर किसान लौटे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी नहीं मिलने से मोहिउद्दीपुर शुगर मिल नहीं चल पा रही है। इसको लेकर मिल क्षेत्र के गुस्साए किसानों ने गांव गून में शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे पंचायत की। पंचायत में रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों का काम सिर्फ कागजों और प्रचार तक सिमटकर रह गया है। सरकार अभी तक गन्ना बकाया भुगतान नहीं करा पाई है। मिल चलवाने के लिए शाम को किसान जीएम केन का घेराव करने पहुंचे। उन्होंने जीएम अतुल गुप्ता को अपने बीच ही बैठा लिया। जीएम ने बताया कि प्रदूषण विभाग की एनओसी मिल गई है। दस नवंबर को मिल का पेराई सत्र शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए गन्ना इंडेंट भी जारी कर दिया गया है।
रालोद के हस्तिनापुर क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह ने बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया। किसानों ने कहा कि अगर 20 नवंबर तक भुगतान नहीं मिला तो किसान दोबारा मिल का घेराव करेंगे। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल देव और बसपा नेता दीपक राणा ने कहा कि मिल में किसानों के बैठने की व्यवस्था के साथ शौचालय और कैंटीन बनाई जाए। रालोद नेताओं ने कहा कि गन्ना किसानों की समस्या को लेकर 13 नवंबर को कमिश्नर से मिलेंगे। इस मौके पर चेयरमैन शशांक चौधरी, सुनील रोहटा, हरपाल सिंह चौधरी, प्रमोद, धर्मपाल सिंह, अनुज तोमर, नवीन नेहरा, संदीप गून, रघुवंश, कालूराम मास्टर, नरेंद्र ठेकेदार आदि मौजूद रहे।