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फॉर्म, परीक्षा और मूल्यांकन सब करना होगा एकसाथ

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मेरठ। सीसीएसयू में अब सेमेस्टर परीक्षा फार्म हों या फिर एमफिल के एडमिशन की प्रक्रिया शुरू करना, 90 पालियों की बची परीक्षाएं हों या फिर 18 लाख कॉपियों का मूल्यांकन। सब एक साथ निपटाना होगा। ऐसे में अगर तीन मई को लॉकडाउन और आगे बढ़ा तो विवि प्रशासन के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी।
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सीसीएसयू कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में सबसे पहले विवि के सामने 90 पालियों की बची परीक्षा को पूरा कराना चुनौती होगा। तीन लाख 70 हजार छात्र-छात्राएं इन परीक्षाओं को दे रहे हैं। वार्षिक कोर्सों की एक महीने की इन परीक्षाओं के ठीक बाद विवि को सेमेस्टर कोर्सों की परीक्षाएं शुरू करानी होंगी। ऐसे में इसको लेकर अभी से तैयारी करनी पड़ेगी। सेमेस्टर कोर्सों में डेढ़ लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इन सभी के परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरे जाएंगे। ऑनलाइन फार्म भरे जाने के बाद उनका प्रिंट आउट कॉलेज में जमा करना होता है। फार्म निकाले जाने की प्रक्रिया में भी कम से कम 20 दिन लग जाते हैं। इसके साथ ही वार्षिक प्रणाली की 18 लाख कॉपियों का मूल्यांकन कराकर रिजल्ट भी समय से देना होगा। नए एडमिशन की बात करें तो यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई का रिजल्ट देरी से आने के कारण ग्रेजुएशन प्रथम वर्ष में तो एडमिशन बाद में हो जाएंगे, लेकिन सीसीएसयू कैंपस के कोर्सों के लिए परेशानी होगी। यहां पर संचालित एमफिल के विषयों में एडमिशन एंट्रेंस से होते हैं। ऐसे में उसके फार्म भरवाने की प्रक्रिया भी शुरू होनी है। विवि को यह सारे काम एक साथ करने होंगे। कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कहना है कि छात्र-छात्राओं का नुकसान न हो इसको लेकर विवि प्रशासन पूरी तैयारी कर रहा है। तीन मई को अगर विवि खुल गया तो यह सब प्रक्रियाएं शुरू करा दी जाएंगी।
लॉकडाउन बढ़ा तो होगी मुसीबत
जिस तरह से मेरठ और सहारनपुर मंडल में संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, उसको देखते हुए तीन मई को लॉकडाउन यहां खुलना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में अगर यह आगे बढ़ा तो विवि प्रशासन के लिए बड़ी मुसीबत हो जाएगी। फिर शासन को ही परीक्षाओं आदि के बारे में कोई अलग निर्णय लेना होगा।
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समिति ने नहीं दी अभी रिपोर्ट
सरकार ने प्रदेश में सभी विवि और कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर एक समिति का गठन किया हुआ है। यह समिति पेपरों की संख्या घटाने, पेपर की अवधि दो घंटे करने आदि पर विचार कर रही है। अभी तक समिति की रिपोर्ट भी नहीं आई है। ऐसे में समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही सारी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
लापरवाही की दें सूचना
तीन मई को लॉकडाउन खुलने का इंतजार है, ताकि परीक्षाओं की नई तिथि घोषित कर तेजी से मूल्यांकन का काम भी समाप्त कराएं। एमफिल प्रवेश प्रक्रिया समेत सेमेस्टर के फार्म निकालने की पूरी तैयारी है। छात्र-छात्राएं घर पर पढ़ाई करते रहें। जिन कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई में लापरवाही की जा रही है, उसके बारे में विवि को सूचना दें।
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- प्रो. एनके तनेजा, कुलपति सीसीएसयू
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