क्षमा वीरों का आभूषण : भाव भूषण महाराज
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 32वें दिन शुक्रवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
गुरुवर 108 भाव भूषण महाराज ने कहा कि क्षमा वीरों का आभूषण है। सजा देने वाले से क्षमा करने वाला व्यक्ति बड़ा होता है। द्वेष भावना छोड़कर यदि हम क्षमा करना सीख लेंगे तो हमारे विरोधी भी हमारे करीबी बन सकते हैं, जिससे एक सकारात्मक वातावरण का जन्म होगा।
इससे पूर्व स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य क्षेत्र के कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, शांतिधारा करने का सौभाग्य सम्यक जैन, राजेंद्र जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन रविंद्र जैन, सुमन जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। आदिनाथ भगवान की पूजन के बाद सभी तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाए। 91 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया।
विधान का विसर्जन आशू जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन कुसुमलता जैन, नरेंद्र सिंह जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन विमला ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन विजयलक्ष्मी त्रिशला जैन ने किया।
इस मौके पर अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, मोतीलाल जैन, अभय कुमार, शिखरचंद जैन, राजीव जैन, सुनील जैन का सहयोग रहा।