संवाद न्यूज एजेंसी
किठौर। मेरठ-गढ़ हाईवे पर किठौर देहात के गांव झीडियों के पास बन रहे नाले में मंगलवार सुबह दिखे तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग नाकाम रहा। इससे क्षेत्र के आसपास के ग्रामीण दहशत में हैं। बुधवार को भी ग्रामीण पशुओं का चारा लेने के लिए जंगल नहीं गए। वहीं वन विभाग की ओर से मौके पर कुछ पुलिसकर्मी मौजूद दिखे।
मंगलवार को मेरठ-गढ़ मार्ग पर 709ए के निर्माणाधीन नाले में एक तेंदुआ दिखाई देने से इलाके में ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी। ग्रामीणों और खेतों पर काम कर रहे किसानों ने तेंदुए को दौड़ाया। इस दौरान तेंदुआ हाईवे से नाले में गिर गया था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची।
टीम एक जाल लेकर ग्रामीणों के साथ रात करीब 8:00 बजे तक मौके पर खड़ी रही। इसके बाद ठंड अधिक होने के कारण ग्रामीण घर लौट गए थे। ग्राम प्रधान परवेज दिलशाद ने बताया कि बिना संसाधनों के मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम तेंदुआ पकड़ने में नाकाम रही। तेंदुआ नाले से निकलकर गांव की ओर जंगल में चला गया। इससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है।
देर रात तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया था लेकिन तेंदुआ वहां से निकलकर जंगल की ओर चला गया। इसकी वन विभाग की टीम को भनक तक नहीं लगी। बुधवार सुबह पिंजरे को हटा लिया गया।
तेंदुआ नहीं पकड़े जाने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ कभी भी किसी पर हमला कर सकता है, जिससे जानमाल का खतरा बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।