शराब कांड में 117 लोगों की मौतों का राज जानने के लिए मंगलवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) आगरा के तीन विशेषज्ञ मेरठ और सहारनपुर पहुंचे। इन विशेषज्ञों ने जहरीले केमिकल की जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के साथ डॉक्टरों से बातचीत की।
जहरीली शराब में कौन सा केमिकल मिलाया गया, इसे जानने के लिए प्रदेश सरकार गंभीर है। पुलिस ने सभी शवों का जहां पोस्टमार्टम कराया और जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा है। इन सभी विसरों की एफएसएल आगरा या लखनऊ भेजकर जांच कराई जाएगी।
लेकिन विसरा रिपोर्ट आने में समय लगेगा। इसके चलते उससे पहले सरकार जानना चाहती कि आखिर शराब कांड के पीछे कोई साजिश तो नहीं। एक जगह शराब बांटी गई, उसको अलग-अलग लोगों ने वितरित किया, जिससे लोगों की मौत हुई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी स्पष्ट हो गया कि एक ही जहरीला केमिकल मिलाया गया है, जिसने इतने लोगों की जान ली है। इसके चलते आगरा एफएसएल के तीन विशेषज्ञों को बुलाया गया। जिन्होंने इन लोगों का उपचार करने वाले डॉक्टरों से बातचीत करने के साथ ही इन लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी देखी। पुलिस का दावा कि कई महत्वपूर्ण जानकारी इन विशेषज्ञों को मिली है, जिसकी रिपोर्ट वह शासन को भेजेंगे।
साजिश या शराब माफिया का धंधा
शराब कांड में 117 लोगों की मौतों का जिम्मेदार कौन है, जिसकी जांच अलग-अलग चल रही है। पुलिस ने जहरीली शराब बांटने और तैयार करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सवाल बड़ा है कि चुनाव से पहले यह साजिश है या फिर शराब माफियाओं का धंधा। इसकी जांच करने के लिए पुलिस के साथ एसटीएफ को भी लगाया गया है।