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ऋण लेने के लिए बैंक के चक्कर काटने को मजबूर

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ऋण लेने के लिए बैंक के चक्कर काटने को मजबूर
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फलावदा। पीएम स्वनिधि के अंतर्गत रेहड़ी-पटरी वालों को दस-दस हजार रुपये के ऋण योजना के नगर पंचायत की ओर से आवेदन बैंक में जमा कराने के बावजूद कई महीनों बाद भी ऋण नहीं मिल पाया है। केनरा बैंक में चक्कर काटने के बावजूद बैंक ऋण देने को तैयार नहीं है।
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कई महीने पहले पीएम स्वानिधि योजना के अंतर्गत पटरी विक्रेताओं एवं कमजोरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम ने ऋण दिलाने की योजना बनाई थी।
योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए स्थानीय नगर पंचायत द्वारा बैंकों में आवेदन जमा कराये गए थे। नगर की शाखा बैंक ऑफ बड़ौदा ने करीब 180 लोन स्वीकृत किए जबकि, केनरा बैंक की शाखा में करीब 250 लोगों के आवेदन भिजवाए थे। कई महीने बीत जाने के बावजूद बैंक द्वारा मात्र 70 लोन ही स्वीकृत किये तथा लक्ष्य पूरा नहीं किया। लोगों का आरोप है कि ऋण के संबंध में बात करने नगर पंचायत पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों के साथ बैंक स्टाफ ने अभद्रता की। ईओ नीतू सिंह ने बैंक द्वारा लोन नहीं दिए जाने तथा कर्मचारियों के साथ अभद्रता किए जाने की शिकायत बैंक के एलडीएम को अवगत कराया हे। वहीं, बैंक के चक्कर काट कर थक चुके दस हजार के ऋण के लिए मजदूरों का महत्वाकांक्षी योजना तथा बैंक से मोह भंग हो ने लगा हे। बैंक द्वारा प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाया जा रहा है। शाखा प्रबंधक विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि सिंडीकेट बैंक केनरा बैंक से मर्ज होने के चलते दिक्कत आ रही है साथ ही स्टाफ की कमी है ग्राहकों को लोन दिए जा रहे हैं।
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