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मूटा के इतिहास में पहली बार दो अध्यक्ष प्रो. सचिन कुमार शर्मा व डॉ. विजय राठी जीते

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प्रो. सचिन शर्मा नवनिर्वाचित अध्यक्ष मूटा।
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मेरठ। मेरठ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (मूटा) के प्रतिष्ठित चुनाव में बृहस्पतिवार को पहली बार अध्यक्ष पद पर दो उम्मीदवारों को विजयी घोषित किया गया। अध्यक्ष पद पर मेरठ कॉलेज के प्रो. सचिन कुमार शर्मा और चौधरी शिवनाथ सिंह शांडिल्य पीजी कॉलेज माछरा के डॉ. विजय राठी को बराबर 240-240 मत मिले। दोनों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। महामंत्री पद पर डॉ. राहुल उज्ज्वल ने दूसरी बार जीत हासिल की।
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मूटा की शिक्षक राजनीति को ताकतवर बनाने के लिए सभी गुटों को एकजुट करके बृहस्पतिवार को चुनाव कराए गए। तीन पैनल्स और निर्दलीय समेत 11 पदों के लिए 36 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। मेरठ कॉलेज में मतदान के लिए छह बूथ बनाए गए। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले मेरठ, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर जिले के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों ने मतदान किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. रक्षपाल सिंह की अगुवाई में सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक 89 प्रतिशत मतदान हुआ। 1079 मतदाताओं में से 970 ने वोट डाली।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के उम्मीदवार प्रो. सचिन कुमार शर्मा और निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. विजय राठी को बराबर 240-240 वोट मिलने पर पुनर्मतगणना की मांग उठी। पर्ची डालकर अध्यक्ष पद पर फैसला करने का प्रस्ताव रखा गया। लगभग दो घंटे बाद में दोनों उम्मीदवारों की लिखित सहमति देने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी ने दोनों को ही संयुक्त विजेता घोषित कर दिया।
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मेरठ कॉलेज के प्रेस प्रवक्ता प्रो. चंद्रशेखर भारद्वाज ने बताया कि महामंत्री पद पर शिक्षक संघर्ष मोर्चा के उम्मीदवार एसएसवी कॉलेज हापुड़ के डॉ. राहुल उज्ज्वल (494 वोट) ने मेरठ कॉलेज के डॉ. कौशल प्रताप सिंह (271 वोट) को हराकर जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष पद पर अमर सिंह कॉलेज लखावटी के डॉ. राजपाल सिंह (373 वोट) ने रोहताश (355 वोट) को हराकर जीत दर्ज की है। उपाध्यक्ष पद पर अर्चना सिंह (518 वोट), जयंत तेवतिया (399 वोट) व पीयूष त्रिपाठी (370 वोट), संयुक्त मंत्री पद पर अंजना चेतन (384 वोट), कम्मोद कुमार (398 वोट) व विलियम (361 वोट) चुनाव जीते। फुपुक्टा प्रतिनिधि के दो पदों पर डॉ. योगेंद्र विकल (503 वोट) व प्रो. क्रांति बोध (465 वोट) ने जीत हासिल की।
अध्यक्ष पद का परिणाम
उम्मीदवार प्राप्त मत
1. अजेंद्र शर्मा
214
2. भूपेंद्र सिंह 169
3. विजय राठी 240
4. सचिन शर्मा 240
5. सुशील कुमार 93
महामंत्री पद का परिणाम
उम्मीदवार

प्राप्त मत
1. आनंदवीर सिंह सिंधु 157
2.
कौशल प्रताप सिंह 271
3.
गरिमा पुंडीर 17
4.
राहुल उज्ज्वल 494

मूटा चुनाव में फिर चला जातीय समीकरण
मूटा पर लंबे समय से ब्राह्मण व जाट समाज के शिक्षकों का वर्चस्व रहा है। मूटा की राजनीति के धुरंधर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर व पूर्व मूटा अध्यक्ष प्रो. विकास शर्मा को करारा झटका लगा और उनके पैनल के शिक्षक चुनाव नहीं जीत पाए। उन्होंने जाट-ब्राह्मण गठबंधन को तोड़कर दलित-ब्राह्मण पैनल के उम्मीदवार उतारे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। शिक्षक राजनीति के नए दिग्गज डॉ. राहुल उज्ज्वल के पैनल से अध्यक्ष, महामंत्री, एक फुपुक्टा प्रतिनिधि, तीन उपाध्यक्ष, दो संयुक्त मंत्री चुनाव जीत गए। बाकी पैनल चुनाव हार गए। इसी तरह से राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक राजनीति करने वाले प्रो. मौजपाल सिंह का पैनल भी पिछड़ गया।

प्राचार्य परिषद के दी विजेताओं को बधाई
प्राचार्य परिषद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. योगेश त्यागी ने जीते हुए सभी उम्मीदवारों को बधाई दी है और उनसे गरिमा एवं ईमानदारी से कार्य करने की अपेक्षा की है।


ऐतिहासिक रही है मूटा की यात्रा
मेरठ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (मूटा) की अभी तक की यात्रा ऐतिहासिक रही है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय को पूर्व में मेरठ विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता था। वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मेरठ विश्वविद्यालय का नाम बदल कर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर कर दिया। मूटा का गठन इससे पहले बहुत पहले हो चुका था। मूटा के पदाधिकारी ने उत्तर प्रदेश के महाविद्यालयों की शिक्षक राजनीति का भी नेतृत्व किया। उस समय तक मूटा का नेतृत्व बहुत प्रभावी था। पहले मूटा के चुनाव कॉलेजों से चुनकर आने वाले डेलीगेट्स के जरिए होते थे। वर्ष 2011 में डॉ. ईशपाल सिंह मूटा महामंत्री बने। इसके बाद मूटा के दो गुट हो गए। वर्ष 2017 में एकीकृत मूटा के चुना हुए। उस चुनाव में मूटा अध्यक्ष बनने वाले डॉ. विकास शर्मा ने शिक्षकों के सीधे वोट द्वारा मूटा के चुनाव कराने का वायदा किया था। 2019 में विश्वविद्यालय परिसर में प्रोफेसर बनने के बाद डॉ. विकास शर्मा ने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद फिर से मूटा दो गुटों में बंट गई, लेकिन शिक्षकों द्वारा सीधे चुनाव से मूटा पदाधिकारी चुने जाने की शुरूआत हो गई। पिछले चुनाव 2022 में हुए थे, जिसमें डॉ. पंकज शर्मा अध्यक्ष व डॉ. राहुल उज्ज्वल महामंत्री चुने गए।

फुपुक्टा के प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री भी पहुंचे
फेडरेशन ऑफ यूपी यूनिवर्सिटीज कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (फुपुक्टा) ने मूटा के सभी गुटों को एक करके चुनाव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फुपुक्टा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान व प्रदेश महामंत्री प्रो. प्रदीप कुमार सिंह बृहस्पतिवार को मूटा चुनाव का पर्यवेक्षण करने मेरठ कॉलेज पहुंचे। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ बैठकर पूरी चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन किया। डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एक समय मूटा पदाधिकारी ही पूरे प्रदेश के महाविद्यालयों की राजनीति की दशा-दिशा तय करते थे। बाद में मूटा के दो गुट हो गए। अब फिर से मूटा को एक करके चुनाव कराए जा रहे हैं।

-बयान-

पारदर्शिता के साथ चुनाव संपन्न कराना प्राथमिकता रही। फुफुप्टा के प्रयासों से मूटा के सभी गुट एक हो गए। कई बाधाओं को दूर करते हुए शिक्षकों की एकजुटता से मूटा के चुनाव कराए गए।
-प्रो. रक्षपाल सिंह, मुख्य निर्वाचन अधिकारी मूटा।

हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता। पराजित प्रत्याशियों को भी शिक्षक हितों के लिए संघर्ष करते रहना चाहिए।
-प्रो. विकास शर्मा, पूर्व अध्यक्ष मूटा।

प्रो. सचिन शर्मा नवनिर्वाचित अध्यक्ष मूटा।

प्रो. सचिन शर्मा नवनिर्वाचित अध्यक्ष मूटा।

प्रो. सचिन शर्मा नवनिर्वाचित अध्यक्ष मूटा।

प्रो. सचिन शर्मा नवनिर्वाचित अध्यक्ष मूटा।

प्रो. सचिन शर्मा नवनिर्वाचित अध्यक्ष मूटा।

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