एआरटीओ लालाराम को स्वाइन फ्लू होने के बाद सीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने अलर्ट जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग बेड की व्यवस्था की गई है। अगर जनपद में कोई मरीज मिलता है तो उसके इलाज के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।
सीएमओ के अनुसार स्वाइन फ्लू की जांच और उपचार निशुल्क है। मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलोजी लैब में इसकी जांच कराई जाती है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में 10-10 बेड स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित हैं। उन्होंने दावा किया कि टैमी फ्लू की दवाई का भी पर्याप्त स्टॉक है। कंट्रोल रूम की एक टीम को शास्त्रीनगर जागृति विहार स्थित एआरटीओ के घर भेजा गया था, मगर वहां कोई नहीं मिला। परिवार के सदस्य भी दिल्ली गए हैं। आसपास के लोगों से भी पूछा गया है कि उनमें किसी को कोई परेशानी तो नहीं है।
डाक्टरों की मानें तो मौसम के बदलाव में
इस वायरस की सक्रियता बढ़ जाती है। यहां से भी कई मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। जिनकी जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। बताया जा रहा है कि इस साल की शुरुआत में भी स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज मिले थे। हालांकि पुष्टि नहीं हो पाई थी। बता दें कि स्वाइन फ्लू के लक्षण भी सामान्य एन्फ्लुएंजा जैसे ही होते हैं। जैसे-नाक का लगातार बहना, छींक आना, कफ, कोल्ड और लगातार खांसी। मांसपेशियों में अकड़न, दवा खाने पर भी बुखार का बढ़ना आदि। इसके कारण इसकी पहचान जल्द नहीं हो पाती है।