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15 लाख के लिए 341.30 करोड़ की गंगाजल योजना ठप  

Thu, 13 Apr 2017 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 15 लाख के इंतजार में 341.30 करोड़ की गंगाजल योजना ठप हो गई है। भोला की झाल पर लगा गंगाजल शोधन प्लांट 15 लाख रुपये की व्यवस्था न होने से एक माह से बंद पड़ा है। जिसके कारण शहर में करीब आठ लाख लोगों के सामने पानी का संकट गहरा गया है। ये पैसा शासन से मिलना है। वजह शासन से धन न मिलने या फिर समय से बजट न मांगने की बात भले ही की जा रही हो, लेकिन वास्तविकता ये है कि निगम इस समय आपूर्ति करने में फ्लाप साबित हो रहा है।
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न पैसा न टेक्निकल टीम 
दरअसल गंगाजल शोधन प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी प्रतिभा पर है। ये वही कंपनी है जल निगम की पाइप लाइन डाली और प्लांट लगाया। कंपनी ने प्लांट संचालन के लिए करीब 15 लाख रुपये खर्च बताया है। ये खर्च बिजली और कर्मचारियों के वेतन का है। अत्याधुनिक प्लांट को टेक्निकल कर्मचारी ही चला सकते हैं। जो भी जल निगम और नगर निगम के पास नहीं हैं। मजबूरी में जल निगम इसी कंपनी के भरोसे है। 15 लाख रुपये शासन से आना है। 15 लाख नहीं मिलने के कारण ये प्लांट ठप पड़ा है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि प्रत्येक माह प्लांट संचालन का खर्च मिलेगा, तो वह गंगाजल प्लांट चालू करा देगी। इससे पहले भी कंपनी ने धन के अभाव में ही प्लांट चलाने से हाथ खड़े कर दिए थे। सिस्टम की इससे बड़ी लापरवाही और क्या हो सकती है कि जिस प्रोजेक्ट पर लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये खर्च किए हों और वह मात्र 15 लाख रुपये के लिए अटक गया हो। यदि यही हाल रहा तो पाइप लाइन अटक सकती है, जिसके मेंटीनेंस पर मोटा पैसा खर्च होगा। 

शहर के ये क्षेत्र हैं प्रभावित 
सर्किट हाउस जलाशय:  साकेत, सिविल लाइन क्षेत्र, सूर्य नगर, प्रगति नगर, ऑफिसर कॉलोनी, वेस्टर्न कचहरी रोड, शिवाजी रोड, नंगला बट्टू, अशोक वाटिका, प्रभातनगर, मोहनपुरी, मंगलपांडे नगर सहित 17 कॉलोनियां और मोहल्लों में गंगाजल नहीं पहुंच रहा है। 
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घंटाघर टाउन हॉल जलाशय : घंटाघर टाउन हॉल परिसर स्थित जलाशय से घंटाघर, पत्थर वालान, सराय लाल दास, लाला का बाजार, नील गली, शीशमहल, डालमपाड़ा, होली चौक, कागजी बजार, जली कोठी, केसरगंज, छतरी वाला पीर, खैरनगर, शहर सराफा आदि इलाकों में गंगाजल की सप्लाई बंद पड़ी है। 
शर्मा स्मारक जलाशय : इस जलाशय से बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा, छीपी टैंक शिव चौक, बुढ़ाना गेट सहित आसपास के बड़े इलाके में गंगाजल की सप्लाई बंद है।  
विकासपुरी जलाशय: यहां छोटा जलाशय है। इस इलाके से लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र, कांच का पुल, विकासपुरी आदि से जुड़े मोहल्लों में गंगाजल नहीं आ रहा है। 

ये है योजना का हाल  
जेएनएनयूआरएम के तहत 2010 में शहर में गंगाजल योजना शुरू हुई थी। करोड़ों रुपये खर्च करके शहर में गंगाजल पाइप लाइन डाली गई थी। भोले की झाल से शहर को गंगाजल मिलता है। जहां से गंगाजल शोधन होकर ही शहर में सप्लाई किया जाता है। जल निगम की मानें तो 43 क्यूसेक गंगाजल लिया जा रहा था। भविष्य में इसको बढ़ाया जाएगा।  
 
गंगाजल परियोजना का लेखाजोखा 
कुल लागत                : 341.30 करोड़
मुख्य लाइन              :  21.04 किलोमीटर
डिस्ट्रीब्यूशन लाइन    : 725 किलोमीटर में बिछाई गई।  


जिम्मेदारी हमारी, कंपनी से चलवाएंगे प्लांट
जन निगम के अधिशासी अभियंता भारत भूषण का कहना है कि जनता को जलापूर्ति कराना हमारी जिम्मेदारी है। नगरायुक्त के साथ हमारी बैठक हो चुकी है। निगम के पास टेक्निकल स्टाफ नहीं है। कंपनी से ही प्लांट को चलवाया जाएगा। शासन से धन की डिमांड की जा रही है। नगर निगम प्रशासन ने वादा किया है कि अगर शासन प्लांट के संचालन पर खर्च की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपता है, तो निगम धनराशि देने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि एक सप्ताह में व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। बृहस्पतिवार को कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक करके शीघ्र ही प्लांट शुरू कराया जाएगा। 

निगम तैयार है
नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा के अनुसार हमने जल निगम अधिकारियों के साथ बैठक की है। जिसमें जल निगम के अधिकारी कंपनी से वार्ता के शीघ्र गंगाजल सप्लाई शुरू कराएंगे। अगर हमें प्लांट संचालन के लिए धन की व्यवस्था करनी पड़ी तो हम उसके लिए तैयार हैं। शहर की जनता को पर्याप्त जलापूर्ति करायी जाएगी। 
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