शहर की सड़कों पर अवैध वाहन पार्किंग पर वसूली बुधवार को भी जारी रही। इतना जरूर हुआ है कि पार्किंग माफिया ने अब वसूली के लिए किराए के लोग छोड़ दिए हैं। अवैध पार्किंग के मसले पर निगम अफसरों की किरकिरी पर निगम अफसरों की चुप्पी टूट गई। बुधवार को निगम अधिकारियों ने जहां अतिक्रमण हटाओ दस्ते को सड़क पर चल रही अवैध वाहन पार्किँग को भी हटाने के निर्देश दिए हैं वही अवैध पार्किँग हटवाने में सहयोग के लिए एसपी सिटी को पत्र लिखा है। ताकी थाना क्षेत्र के हिसाब से पार्किंगों पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
सड़कों पर अवैध वाहन पार्किँगों पर जनता से अवैध वसूली को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाया हुआ है। शहर के बैँक, होटल, कचहरी, पार्क, अस्पताल, मंडप आदि सभी स्थानों पर सड़क पर ही कुछ लोग तारबंदी करके अवैध वाहन पार्किंग चला रहे हैं। पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों द्वारा शुल्क वसूली का विरोध करने पर अभद्रता भी झेलनी पड़ती है। कुछ स्थान जैसे सूरजकुंड पार्क के बाहर तो पुलिस की छत्रछाया में जनता से अवैध वसूली का कारोबार चल रहा है। इसके अलावा कचहरी के गेट, दिल्ली रोड स्थित शाप्रिक्स माल, कंकरखेड़ा में कैलाशी अस्पताल आदि के बाहर सड़क पर अभी भी वाहन पार्किँग चल रही है।
नगर निगम ने ये लिया एक्शन
मेरठ। नगर निगम के संपत्ति अधिकारी दिनेश यादव ने अतिक्रमण हटाओ टीम में शामिल अधिकारियों को जारी पत्र में कहा है कि शहर की सड़कों पर चल रही वाहन पार्किंग नगर निगम की नहीं हैं यानी पूरी तरह अवैध हैं। जिनको चिंहित करके इसकी सूचना संबंधित थाना पुलिस को दी जाए। ताकी अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके और सड़कें अतिक्रमण मुक्त हों। दिनेश यादव का कहना है कि अवैध वाहन पार्किँग से संबंधित पत्र एसपी सिटी कार्यालय में भी रिसीव करा दिया गया है। ताकी पुलिस भी अपने स्तर से अवैध वाहन पार्किंग में शुल्क वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सके।