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यूपी में सब्जियों की बर्बादी पर अंकुश लगाएगी 'फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री', किसानों को होगा लाभ

Sat, 07 Jul 2018 05:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, मेरठ
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केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और उद्यमियों के लिए यह अच्छी खबर है, क्योंकि अब वे अपनी अामदनी काे बढ़ा सकेंगे। सरकार चाहती है कि फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज में रूचि रखने वाले किसान आगे आएं। शुक्रवार को सहारनपुर के दिल्ली रोड स्थित एक सभागार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की संभावनाएं विषय पर आयोजित सेमीनार में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि उद्यमी एवं किसान फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज लगाने के लिए रूचि दिखाएं। 
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उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार की ओर से प्रशिक्षण से लेकर अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिले के पहाड़ी क्षेत्र में उद्योग लगाने पर उत्तराखंड में मिलने वाली विशेष छूट यहां के उद्यमियों को भी प्रदान की जाएगी। फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज लगने से उद्योग, कृषि और उपभोक्ताओं सभी को फायदा होगा। 

देश में 13 फूड पार्क हो चुके हैं स्थापित 27 अभी बाकी

गौरतलब है कि मंत्रालय अब तक देश में 13 फूड पार्क स्थापित कर चुका है, जबकि 27 अभी लगने की प्रक्रिया में हैं। राज्यमंत्री साध्वी ने उद्यमियों को समूहों में उद्योग लगाने का आह्वान किया। केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री लगने से न सिर्फ फलों और सब्जियों की बर्बादी पर अंकुश लगेगा बल्कि उद्योग, कृषि एवं उपभोक्ताओं को भी लाभ होगा। इसके साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत बडे़ की बजाए छोटे छोटे उद्योग लगाए जाएं। किसान भी ग्रुप बनाकर इस क्षेत्र में आ सकते हैं।  
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पहाड़ी क्षेत्रों में सब्सिडी में मिलेगी छूट

पांवघोई नदी के उद्गम स्थल का फावडा चलाकर शुभारंभ करती केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति। - फोटो : अमर उजाला
राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ने कहा कि जनपद के पहाड़ी क्षेत्र में उद्योग लगाने पर उत्तराखंड के बराबर सब्सिडी दी जाएगी। वहां 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान है। राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रयासरत हैं। इसके चलते ही खरीफ फसलों की एमएसपी में खासी बढ़ोत्तरी की गई है। इस बार ज्वार, बाजरा और मूंग जैसी फसलों के न्यूनतम समर्थन में ऐतिहासिक इजाफा किया है।

उन्होंने कहा कि यदि यहां के लोग प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों को यहां बुलाना चाहते हैं तो  यह सुविधा भी उपलब्ध करा दी जाएगी। मंडलायुक्त चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी, जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे आदि ने भी विचार रखे। संचालन डीएन मिश्रा ने किया।

विधायक देवेंद्र निम और कुंवर ब्रिजेश, मेयर संजीव वालिया, भाजपा जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप, महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा,  पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी, राजीव गुंबर, सुखवीर सिंह पुंडीर, जिला उपाध्यक्ष विरेंद्र चौधरी, राहुल लखनपाल, हरीश मलिक, केएल अरोड़ा, नीरज माहेश्वरी, मनोज ठाकुर, भगत सिंह, बीना बजाज, शीतल ठाकुर, पुनीत चौहान, मोहित आनंद, कृष्ण राजीव सिंघल आदि भ्री कार्यक्रम में शामिल हुए।  
 
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ग्रुप बनाकर उद्योग लगाने में सहायता करेगी सरकार    

सांसद राघव लखनपाल शर्मा - फोटो : अमर उजाला
सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने कहा कि जनपद मैंगो बेल्ट है। यहां पर फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज लगने से जहां फलों की बर्बादी रुकेगी वहीं क्षेत्र वासियों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि उद्यमी छोटे छोटे उद्योग लगाने के लिए आगे आएं।

ग्रुप बनाकर खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि उद्योग तो उद्यमियों को स्वयं ही लगाने होंगे, सरकार उनकी हरसंभव सहायता करने के लिए तैयार है।  उन्होंने कहा कि उद्योग और कृषि दोनों को जोड़कर ही देश तरक्की कर सकता है।

जनपद में एग्रोबेस कलस्टर स्थापित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार देश के किसानों को अपने पांव पर खड़ा करना चाहती है, इसीलिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।        
       
एक लाख करोड़ का होता है फूड वेस्टेज    
  
खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के संयुक्त सचिव अशोक कुमार ने कहा कि  देश में करीब एक लाख करोड़ रुपये कीमत का फूड वेस्टेज है। फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज लगाकर फल एवं सब्जियों की बर्बादी को रोका जा सकता है। जिले में आम, लीची और अमरूद का बड़ा रकबा होने से यहां पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग फलने फूलने की अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि अकेले अमरूद में ही फल की बर्बादी 16.5 प्रतिशत तक है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना सहित अन्य स्कीमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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