बेकरी संचालक को गोली मारने की वारदात में पुलिस के काम आई नई तकनीक
डीजीपी ने भेजा सर्कुलर, प्रदेश में पहली बार एसओएस ब्रॉडकास्ट से मिली कामयाबी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। पुलिस के लिए कारगर साबित हो रहे यक्ष ऐप में हाल में किया गया नया अपडेट अपराधियों के लिए घातक साबित होने लगा है। बृहस्पतिवार को बेकरी संचालक राहुल पाल पर हमले के बाद यक्ष ऐप के ब्रॉडकास्ट एसओएस सुविधा की मदद से जिले में अलर्ट भेजा गया। छह थानों में चेकिंग कराने के साथ फुटेज खंगाले गए। इससे दो घंटे में हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि बुधवार को ही डीजीपी राजीव कृष्ण ने एआई से लैस यक्ष ऐप में किए गए नए अपडेट के संबंध में सर्कुलर भेजा था। इसके बाद नई तकनीक की मदद से प्रदेश में यह पहली गिरफ्तारी है। बृहस्पतिवार को शास्त्रीनगर में बेकरी संचालक राहुल पाल को गोली मारने की सूचना पर यक्ष ऐप की मदद से पुलिस अधिकारियों के साथ बीट के सिपाहियों तक के मोबाइल पर 17:48 अलर्ट का सायरन बजने लगा। यह तब तक बजता है जब तक मैसेज देख नहीं लिया जाता। अलर्ट मिलते ही नौचंदी, मेडिकल, भावनपुर, मवाना, परीक्षितगढ़ और किठौर थाना क्षेत्र में सघन चेकिंग की गई। यक्ष ऐप से पता लगाया कि घटनास्थल के आसपास कितने सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनके फुटेज खंगालकर आरोपियों की गाड़ी और उनके नंबर की पहचान की गई। परीक्षितगढ़ थाना पुलिस ने किठौर अड्डा पर चेकिंग करते हुए आरोपी कौल गांव के विकास त्यागी और शास्त्रीनगर के गौरव वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
2483 हिस्ट्रीशीटर और 40,634 अपराधियों की कुंडली यक्ष ऐप में कैद
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि जिले में अब तक फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की जा रही थी। ऐप में किए गए नए अपडेट से पहली बार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। यक्ष ऐप में अब तक 2483 हिस्ट्रीशीटर और 40,634 अपराधियों का डेटा सुरक्षित रख लिया गया है। कुल 150 गैंगों को चिह्नित कर इनके 839 सदस्यों में से 835 सदस्यों का डेटा फीड किया गया है। शेष चार की मृत्यु हो चुकी है। ऐप में चौकी और बीट क्षेत्रों के सीसीटीवी की लोकेशन सहित फीडिंग की गई है। वारदात होते ही नजदीकी सीसीटीवी की तुरंत पहचान कर फुटेज प्राप्त की जा सकती है।