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फिटनेस पर फोकस, टारगेट गोल्ड  

Mon, 25 Jul 2016 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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प्रैक्टिस करती सीमा पूनिया। - फोटो : अमर उजाला
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रियो ओलंपिक में डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीतने के लिए मेरठी बहू सीमा पूनिया रूस में कड़ी मेहनत कर रही हैं। पहला मैच 15 अगस्त को है, जिसको देखते हुए पूरा फोकस फिटनेस पर है। 
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सीमा मूल रूप से हरियाणा के खेवड़ा गांव की निवासी हैं। उनकी शादी स्थानीय सकौती टांडा निवासी अंकुश पूनिया से हुई। अंकुश सीमा के कोच भी हैं। सीमा चार माह अमेरिका में प्रैक्टिस करने के बाद करीब पंद्रह दिन से रूस में पसीना बहा रही हैं। रूस से फोन पर ‘अमर उजाला‘ से विशेष बातचीत में सीमा ने बताया कि अमेरिका में काफी कुछ सीखने को मिला। अपने पति और कोच अंकुश की देखरेख में प्रैक्टिस कर रही हूं। मेरा लक्ष्य रियो ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल लाना है। जिसके लिए मैं अपनी पूरी ताकत लगा दूंगी। इसलिए मैं अपनी फिटनेस पर पूरा ध्यान दे रही हूं। 

6 किलो वजन घटाया
सीमा ने बताया कि पांच माह से विदेश में रहकर मैं ओलंपिक की तैयारी में लगी हूं। बीच में प्रैक्टिस के दौरान थोड़ी परेशानी आ गई थी। जिससे बचने के लिए फिटनेस पर खास फोकस रखकर करीब छह किलो वजन कम किया है। इस समय डाइट पर विशेष ध्यान है। जिसका प्रैक्टिस के दौरान भी काफी लाभ मिलता है। 
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आठ घंटे प्रैक्टिस
सीमा के अनुसार अब ओलंपिक के लिए ज्यादा वक्त नहीं बचा है। करीब आठ घंटे रोजाना प्रैक्टिस कर रही हूं। एक सप्ताह बाद टीम रियो ओलंपिक के लिए रवाना हो जाएगी। उससे पहले प्रैक्टिस के माध्यम से जो कमियां हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है।

अंकुश अच्छे कोच हैं 
बकौल सीमा अंकुश पति के साथ अच्छे कोच भी हैं। उनका फोकस मेरी कड़ी मेहनत से तैयारी पर रहता है। हम दोनों में बेहतर तालमेल है। अंकुश का भी यही सपना है कि मैं देश के लिए गोल्ड मेडल ले आए। 
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परिचय
नाम : सीमा पूनिया 
शिक्षा: बीए 
खिलाड़ी : डिस्कस थ्रो
कोच : अंकुश पूनिया (पति भी)

उपलब्धियां :
- 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ में कांस्य पदक 
- 2014 सितंबर इंचियोन एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल 
- 2004 में 64.84 मीटर का हाईस्कोर, रिकॉर्ड बनाया
- मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से 2016 में यशभारती अवार्ड मिला 
कॅरियर
- 2000 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप मेें पहला गोल्ड मेडल
- 2001 में जूनियर एशिया चैंपियनशिप में रजत गुरुनई में 
- 2002 में जूनियर वर्ल्उ चैंपियनशिप वेस्टइंडीज में कांस्य पदक 
- 2002 में जूनियर एशियन चैंपियनशिप बैंकाक में कांस्य पदक 
- 2004 ओलंपिक में 14वीं रैंक आयी 
- 2006 कॉमनवेल्थ मेलर्बन में सिल्वर मेडल 
- 2009 वर्ल्उ चैंपियनशिप जर्मनी में वर्ल्उ रैंकिंग 15वीं रही 
- 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ में कांस्य पदक 
- 20012 लंदन ओलंपिक में 12वीं रैंक 
- 2013 एशियन चैंपियनशिप पुणे में पांचवीं रैंक 
- 2014: स्कॉटलैंड कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक 
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