भराला में रजबहा टूटने से खेतों में पानी भरा, आलू, सरसों, गेहूं व गन्ने की फसल को नुकसान
दौराला। भराला गांव से होकर गुजर रहा रजबहा बृहस्पतिवार सुबह टूट गया। जिस कारण खेतों में पानी भर गया। इससे से लाखों रुपये की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने कड़ी मशक्कत के बाद स्वयं ही रजबहे को ठीक किया।
भराला गांव निवासी मनिंदर विहान ने बताया कि गांव से होकर रजबहा गुजर रहा है। इसमें इन दिनों में पानी चल रहा है। उसके आसपास के खेतों में गेहूं, सरसों, आलू व गन्ने की फसल है। रजबहा टूट जाने से किसान जोगिंदर सिंह के 15 बीघा आलू, 11 बीघा सरसों, जयप्रकाश की पांच बीघा सरसों, जगपाल सिंह की दो, कंवरपाल सिंह की चार, हेमराज की 10 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। वहीं, ईख में पानी भर गया। इसकी जानकारी पाकर किसान खेतों पर पहुंचे और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। इसके घंटों बाद भी कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद किसानों ने खुद ही मोर्चा संभाला और रजबहे की पटरी को ठीक कर खेतों में पानी जाने से रोका। आरोप है कि किसान कई बार सिंचाई विभाग के कर्मचारियों से रात्रि में रजबहे का पानी कम करने की मांग कर चुके हैं परंतु इसके बाद भी पानी कम नहीं किया गया। जिससे रजबहे की पटरी टूट जाने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की चेतावनी दी है। किसानों के साथ रजबहे की पटरी जोड़ने में ग्रामीण राजेंद्र सिंह, राजीव चौधरी, अमित चौहान, जोनू, सुभाष, नितिन, सुशांत शर्मा, मंगल सिंह, हर्ष विहान, अंकित सिवाच आदि का सहयोग रहा।