हस्तिनापुर में बाढ़ के संभावित खतरों को देखते हुए अधिकारियों ने किया मॉक ड्रिल
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एसडीआरएफ की टीम ने गंगा में डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गंगा से निकाले गए लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिए जाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर जिला नोडल अधिकारी डॉ. अंकुर त्यागी भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो चुकी है, हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य है।एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने कहा कि खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसी संभावित स्थिति से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। मॉक ड्रिल का उद्देश्य ग्रामीणों को जागरूक करना और विभागीय तालमेल को परखना है।
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हस्तिनापुर में बाढ़ के संभावित खतरों को देखते हुए अधिकारियों ने किया मॉक ड्रिल
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ड्रिल के दौरान गंगा घाट पर बाढ़ चौकी, सीएचसी राहत केंद्र और अन्य विभागों के अस्थायी टेंट लगाए गए। सभी जगहों पर संबंधित अधिकारी तैनात रहे।
मॉक ड्रिल के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी गंगा घाट पर पहुंचे और रेस्क्यू की प्रक्रिया को देखा। पुलिस बल की ओर से भी व्यापक प्रबंध किए गए थे, जिनका नेतृत्व एसपी देहात ने किया।
एसपी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क और तैयार है।