मीरपुर साधु नांगल के ग्रामीण गंगा कटान को रोकने के लिए तंटबंध बनाते हुए। (स्त्रोत ग्रामीण) परी
परीक्षितगढ़। खादर क्षेत्र के गांव मीरपुर साधु नांगल व खरखाली में गंगा किनारे किसानों के खेतों में बाढ़ के कारण कटान होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम मवाना भी जायजा ले चुके हैं। प्रशासन से सहायता नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाला है। वह कटान रोकने के लिए तटबंध बना रहे हैं।
गांव मीरपुर साधु नागल व खरखाली गंगा किनारे किसानों के खेतों में गंगा के कटान से पानी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पानी अभी भी किसानों के खेतों में पहुंच रहा है। तीन दिनों से गंगा भूमि का कटान कर रही है। कटान होने से किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि व फसल गंगा के बहाव में समा गई है। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारी व जनप्रतिनिधि एवं मंत्री किसानों की समस्या के प्रति गंभीर नहीं हैं। केवल आश्वासन देकर लौट जाते हैं। जमीनी स्तर पर किसानों की कोई सहायता नहीं की जा रही है। शासन प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी सहायता नहीं मिलती देख ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाला है।
सोमवार को दर्जनों ग्रामीणों ने गंगा किनारे कटान रोकने के लिए मिट्टी से भरे कट्टे, पेड़ की शाखाएं एवं मलबा डालकर गंगा बहाव को रोकने का प्रयास किया है। प्रशासन केवल सर्वे व बयानबाजी में ही व्यस्त है। जबकि गांव की जमीनें और घर गंगा के आगोश में जा रहे हैं।
दो दिन पूर्व एसडीएम मवाना ने भी गंगा के कटान से होने वाले क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने कहा था कि इंजीनियर व ठेकेदार से शीघ्र ही मरम्मत कार्य कराया जाएगा। तीन दिन बीत चुके हैं। शासन प्रशासन कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ के समय ग्रामीणों को नए पट्टे देकर मकान बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली।