शरीर में लचीलापन लाता है उष्ट्रासन
मेरठ। उष्ट्रासन या कैमल पोज व्यायाम घुटनों के बल झुकने वाला योगासन है। उष्ट्रासन को शरीर को मजबूत बनाने, शरीर में लचीलापन और पाचन में सुधार करने के लिए जाना जाता है। यह आसन छाती, पेट और जांघों सहित कई अंगों को टोन करता है।
योग प्रशिक्षक शुभांगिनी राजपूत कहती है कि बिना प्रशिक्षक की देखरेख में इस आसन को न करें। इस आसन को पूरी तत्परता के साथ करना चाहिए। यदि आपको पीठ या गर्दन में चोट है और निम्न या उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं तो इसका अभ्यास न करें। वहीं जो लोग अनिद्रा या माइग्रेन से पीड़ित हैं, उन्हें इस आसन से बचना चाहिए।
ऐसे करें
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं। इस बात का ध्यान रखें कि जांघों तथा पैर एक साथ हो और पंजे पीछे की ओर फर्श पर हो। घुटनों तथा पैरों के बीच करीब एक फुट की दूरी रखें। इसके बाद आप अपने घुटने पर खड़े होकर हो जाएं और सांस लेते हुए पीछे की और झुकें। फर्श या योगा मैट पर घुटने के बल बैठकर ही उष्ट्रासन शुरू करें। यदि आपके घुटने संवेदनशील हैं, तो अतिरिक्त गद्दी पर घुटने रखें। पैरों के तलवों को ऊपर की ओर, उंगलियों को फर्श से छूना चाहिए।
घुटने के बीच में कुछ दूरी रखें। गहरी साँस लें और दाहिने हाथ को ऊपर की ओर ले जाते हुए दाहिने पांव को पकड़े और यह प्रक्रिया बाएं हाथ के साथ भी करें। आसन में रहते हुए सांस साधारण तरह से लेते रहे। सांस छोड़ते हुए घुटनों पर वापस आएं। ध्यान दें मांसपेशियों में दर्द और तनाव से बचने के लिए इस आसन को केवल 20 सेकेंड के लिए करना चाहिए।