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Meerut News: पांच साल पहले पत्नी ने और अब पति ने फांसी लगाकर दी जान

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दूसरी पत्नी से दो बच्चे, परिवार में किसी तरह के विवाद की जानकारी नहीं
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-पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई से परिजनों ने किया इन्कार
संवाद न्यूज एजेंसी


हस्तिनापुर। बस्तौरा नारंग गांव में बुधवार को दुष्यंत (32) ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने किसी भी कानूनी कार्रवाई से इन्कार कर दिया। पुलिस को लिखित में देने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

ग्रामीणों के अनुसार, बस्तौरा नारंग निवासी देेवेंद्र का बेटा दुष्यंत खेती-बाड़ी और पशुपालन करता था। बुधवार सुबह करीब नौ बजे वह घर से कुछ दूरी पर स्थित अपने घेर में जाने की बात कहकर निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर उसकी पत्नी सोनिका उसे देखने के लिए घेर में पहुंची। वहां दुष्यंत का शव पंखे के कुंडे से रस्सी के सहारे लटका मिला। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दुष्यंत को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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घटना की सूचना पाकर हस्तिनापुर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम समेत किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों के अनुसार दुष्यंत का पत्नी या परिवार के किसी सदस्य से कोई विवाद नहीं था। वह नशे का सेवन नहीं करता था। ऐसे में उसने अचानक यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
पांच वर्ष पहले पहली पत्नी ने भी लगाई थी फांसी

ग्रामीणों के अनुसार दुष्यंत की पहली शादी मुजफ्फरनगर क्षेत्र के गांव रेहड़वा निवासी सोनो से हुई थी। करीब पांच वर्ष पहले उसकी पहली पत्नी ने भी फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद दुष्यंत की शादी उसकी पहली पत्नी की बहन सोनिका से हुई थी। सोनिका से उसके दो छोटे बच्चे हैं। चार वर्षीय शिवांश और दो वर्षीय राज के सिर से अब पिता का साया भी उठ गया है।
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सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि परिजनों ने लिखित में देकर किसी भी कार्रवाई से इन्कार कर दिया। प्रथम दृष्टया युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी है।
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