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सहारनपुर: पुल बनवाने को लेकर आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीणों में पांच की हालत बिगड़ी, अधिकारी मौके पर

Sun, 23 Jun 2019 02:59 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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बीमार ग्रामीणों को उपचार देते डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर जनपद के बेहट में नदी पर पुल सहित बाढ़ से गांवों की सुरक्षा के लिए तटबंध एवं मुख्य संपर्क मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलनरत हुसैन मलकपुर और शाहपुर गांव के लोगों ने शनिवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। अनशन में दोनों गांव के ग्राम प्रधानों समेत 20 लोग शामिल हुए। इस दौरान रविवार को आमरण अनशन पर बैठे पांच ग्रामीणों की हालत बिगड़ गई।
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ग्रामीणों के आमरण अनशन पर सीएचसी से डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। मेडिकल चेकअप के पांचों ग्रामीणों को रेफर करने को कहा, लेकिन ग्रामीण अस्पताल जाने को तैयार नहीं हुए। एसडीएम ने जबरन पांचों ग्रामीणों को अस्पताल भिजवाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों का भी विरोध किया।

हुसैन मलकपुर और शाहपुर गांव के ग्रामीण बरसाती नदी पर पुल, तटबंध व सड़क निर्माण की मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह से क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। क्रमिक अनशन के दौरान ग्रामीणों ने शासन प्रशासन को चेताया था कि यदि 21 जून तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वह 22 जून से आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।

इस बीच पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे। पूर्व विधायक महावीर सिंह राणा ने भी ग्रामीणों से मिलकर अनशन खत्म करने का आग्रह किया था, लेकिन ग्रामीण समस्याओं के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की जिद पर अड़े रहे।

शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों ने नदी किनारे आमरण अनशन शुरू कर दिया। आमरण अनशन में दोनों गांव के ग्राम प्रधानों समेत 20 लोग शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि आमरण अनशन पर बैठने वालों की संख्या बढ़ेगी। शाहपुर के ग्राम प्रधान पति हेमंत राणा ने बताया कि आंदोलन में महिलाओं एवं बच्चों की भागीदारी भी होगी। 
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आमरण अनशन शुरू किए जाने की सूचना मिलने पर दोपहर करीब दो बजे सिंचाई निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता, एसडीएम युगराज सिंह, सीओ विजयपाल सिंह आमरण स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से दोनों गांव की बाढ़ सुरक्षा के लिए नदी में पत्थरों की पांच पेचिंग लगाने के लिए 15 दिन का समय मांगा। अधिकारियों की बात सुनकर ग्रामीण भड़क गए।

उन्होंने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए कम से कम 28 पेचिंग लगाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी सभी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वह आमरण अनशन खत्म नहीं करेंगे। ग्रामीणों से दो टूक जवाब मिलने पर अधिकारी वापस लौट गए। 

आमरण अनशन में शामिल ग्रामीण
शाहपुर गांव के ग्राम प्रधान हेमंत राणा, हुसैन मलकपुर के प्रधान सलीम अहमद, कृष्ण सिंह, राहुल राणा, नौशाद, रोहताश राणा, पवन सिंह, नवाब अली, सुशील, अली हसन, राजेश शर्मा, तैयब, राजेंद्र, शिवपाल, नौशाद, जुलफान, रहमान, नफीस, महेश, सुनील आदि। 
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