मोदीपुरम (मेरठ)। पल्लवपुरम स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई तोड़फोड़ और कर्मचारी के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को पांच आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। वहीं पार्षद विक्रांत ढाका और प्रधान जॉन धनखड़ ने इस कार्रवाई को गलत बताया है।
जमालपुर गांव निवासी विवेक दहिया का पल्लवपुरम फेस दो में रेस्टोरेंट हैं। यहां मंगलवार रात दो कारों में सवार कुछ युवक खाना खाने आए थे। यहां किसी बात को लेकर युवकों की रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के साथ गाली गलौज और मारपीट हो गई थी। इस दौरान युवकों ने रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ भी कर दी थी। घटना रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस ने विवेक की तहरीर पर भाजपा पार्षद विक्रांत ढाका के भाई शिवांग, इकलौता गांव के प्रधान जॉन धनखड़ के भाई मोनू, मोहम्मदपुर गांव निवासी दिल्ली पुलिस के सिपाही रोहित और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिवांग, मोनू के साथ ही अज्ञात आरोपियों की पहचान कर हरिद्वार के खेड़ा निवासी हरिओम, शुभम और मान सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि सिपाही रोहित और अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को सभी को न्यायालय के समक्ष पेश किया।
वहीं इस कार्रवाई को पार्षद विक्रांत ढाका ने गलत बताया है। पार्षद का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद को सुलझा लिया गया था। उनका कहना है कि मेरा भाई शिवांग निर्दोष है। उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में उनका भाई घटनास्थल पर नहीं है फिर भी पुलिस ने रेस्टोरेंट संचालक के कहने पर बिना जांच किए उसे फंसाया गया। इधर प्रधान जॉन धनखड़ ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
पार्षद और ग्राम प्रधान के साथ बृहस्पतिवार को कई लोग थाने पहुंचे और पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। सीओ दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच और कार्रवाई कानून व नियमों के अनुसार की है। जांच अभी भी जारी है और प्रधान, पार्षद ने जो जानकारी दी है उसको भी जांच में शामिल कर कार्रवाई की जाएगी।