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माधवपुरम में पांच मोटर फुंके, सड़क पर गंदा पानी, पेयजल दूषित होने की आशंका

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माधवपुरम में खराब पड़े सीवर पंपिंग स्टेशन
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मेरठ। महानगर में लगे सीवर पंपिंग स्टेशन तक नगर निगम नहीं चला पा रहा है। माधवपुरम में कई दिन से सीवर पंपिंग स्टेशन के मोटर फुंके पड़े हैं। इससे नतीजतन सड़क पर सीवर का गंदा पानी भर गया है। वहीं, पेयजल दूषित होने की आशंका है। कई बार शिकायत की गई लेकिन निगम अफसरों ने अनसुना कर दिया। संक्रामक बीमारियों के डर से निवासियों में गुस्सा है। बृहस्पतिवार को लोगों ने समस्या से निजात दिलाने के लिए हंगामा किया।
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नगर निगम के माधवपुरम, छीपी टैंक, शास्त्रीनगर सेक्टर-7 व हापुड़ रोड पर बड़े सीवर पंपिंग स्टेशन हैं। मोहनपुरी, पुरानी तहसील सदर, विकासपुरी और ब्रह्मपुरी क्षेत्र में छोटे सीवर पंपिंग स्टेशन हैं। माधवपुरम में सीवर की हालत सबसे ज्यादा खराब है। इसके चलते वहां पर चार छोटे सीवर पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं। माधवपुरम में अब कुल 5 सीवर पंपिंग स्टेशन हैं। इनके मोटर अक्सर फूंके रहते हैं। कई दिनों से पांचों सीवर पंपिंग स्टेशन के मोटर फूंके पड़े हैं। इस कारण वहां पर सीवर का पानी सड़क पर भर गया है।
स्थानीय पार्षद दीपक वर्मा का कहना कि निगम अफसरों को पत्र लिखकर मोटर फुंकने और सड़क पर सीवर बहने की शिकायत कर चुका हूं। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने भी एक सप्ताह में दो बार निरीक्षण करके माधवपुरम की सफाई व्यवस्था पर असंतोष जताया। इसके बावजूद निगम की नींद नहीं टूटी।
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17 वार्डों में सीवर चोक, गंदगी का अंबार
लिसाड़ीगेट मुस्लिम बाहुल्य इलाके के 17 वार्डों में सीवर चोक हैं। इससे करीब पांच लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है। सपा, एआईएमआईएम और असपा सहित कई पार्टी के पार्षदों ने नगर आयुक्त सौरभ गंगवार से सीवर सफाई के कई बार मांग की लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके चलते अब वहां पर जलभराव के हालात बन गए हैं। पार्षद शाहिद अंसारी, ताहिर अंसारी सहित विपक्ष के पार्षदों का कहना है कि सीवर चोक होने में जल निगम की लापरवाही बताकर निगम पल्ला झाड़ लेता है। सीवर का पानी सड़क पर फैलने के चलते आम जनता में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।

एसटीपी की हालत भी खस्ता
शहर में 13 सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) हैं, इनकी खस्ता हालत को लेकर महापौर हरिकांत अहलूवालिया और निगम अधिकारी विकास प्राधिकरण को पत्र लिख चुके हैं। एसटीपी सक्रिय न होने के कारण 250 करोड़ की लागत से गढ़ रोड स्थित कमालपुर में बने एफएसटीपी (फीकल सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) नहीं चल पा रहा है। विकास प्राधिकरण कई बार इन 13 एसटीपी को निगम को हस्तांतरित करना चाहता हैं, लेकिन हालात खराब होने के कारण निगम अफसरों ने उसको लेने से इन्कार कर दिया। अब एसटीपी के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी गाजियाबाद जल निगम ने ली हुई है।

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माधवपुरम में दो दिन निरीक्षण किया है। वहां सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के निगम अफसरों को निर्देश भी दिए। सीवर पंपिंग स्टेशन के फुंके मोटर को ठीक कराने के लिए नगरायुक्त को बोला गया है। जल्द ही मोटर ठीक कराए जाएंगे।
हरिकांत अहलूवालिया, महापौर।

माधवपुरम में खराब पड़े सीवर पंपिंग स्टेशन

माधवपुरम में खराब पड़े सीवर पंपिंग स्टेशन

माधवपुरम में खराब पड़े सीवर पंपिंग स्टेशन

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