सात आरोपी दोष मुक्त
मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी सुजित की मृत्यु हो गई थी। वहीं जगपाल, संजय, अशोक, अंकित, मोंटी, मोहन, सुमित के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार बख्शी ने बताया कि न्यायालय ने साक्ष्य न पाते हुए इन्हें दोषमुक्त करार दिया है।
सीबीआई अदालत ने रिश्वत लेने के दोषी बैंक मैनेजर को सुनाई चार साल की सजा
गाजियाबाद। सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को 10 साल पुराने मेरठ के माछरा स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में लोन पास करने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी बैंक मैनेजर को चार साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सीबीआई के अभियोजन अधिकारी प्रमोद दत्त ने बताया कि 28 अप्रैल 2016 में मेरठ के माछरा स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में तैनात मैनेजर उमेश कुमार सिंघल ने एक ग्राहक से लोन पास करने के बदले 28 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत सीबीआई से की। इसके बाद जाल फैलाकर आरोपी को ट्रैप किया गया।
सीबीआई के कहने पर पीड़ित 25 हजार रुपये लेकर बैंक पहुंचा था, जैसे ही उन्होंने मैनेजर को रुपये दिए, तभी सीबीआई की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया था। इसके बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से 13 गवाह अदालत में पेश किए गए। अदालत ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया और आरोपी को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई है।
पॉक्सो एक्ट में दोषी को चार साल की सजा
मेरठ। विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट बाबर खान ने 2017 के थाना इंचोली से संबंधित पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी जावेद निवासी गांव पबला को 4 साल की सजा और 5000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, 13 साल की पीड़िता ने थाना इंचोली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि दो मार्च 2017 की रात पीड़िता घर पर अकेली थी।
आरोपी घर में घुस आया और उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया। पीड़िता द्वारा विरोध करने और शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे तथा आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। शुक्रवार को अदालत में साक्ष्य एवं बयानों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई है।