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एक कमरे में पढ़ रहे पांच कक्षाओं के छात्र

Mon, 09 Oct 2017 02:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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कम रोशनी में बढ़ते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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नगरीय क्षेत्र के परिषदीय स्कूल का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। बिजली न होने के कारण एक कमरे में हीं पांच कक्षाओं के बच्चों को शिक्षिकाएं पढ़ा रही हैं। स्कूल में न तो पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय बने हैं। 
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करीब 50 सालों से प्राथमिक कन्या विद्यालय ब्रह्मपुरी नंबर एक किराए के भवन में चल रहा है। अमर उजाला की टीम ने शास्त्री की कोठी के पास स्थित इस विद्यालय का निरीक्षण किया। वहां एक ही कमरे में सभी कक्षाएं चल रही थीं। पहली से पांचवीं कक्षा के  बच्चों को कमरे में दो शिक्षिकाएं आंचल गुप्ता और शिक्षामित्र विनीता देवी पढ़ा रही थीं। जबकि कुछ बच्चे अंदर स्कूल के प्रांगण में बैठे पढ़ रहे थे। कमरे में शिक्षिकाएं और बच्चे गर्मी से बचने के लिए हाथ का पंखा लिए थे। कुछ बच्चे स्कूल की किताबों से हवा करते मिले। बच्चों ने बताया कि स्कूल में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।

पानी पीने और शौचालय के लिए सभी बच्चे मंदिर वाली गली में जाते हैं, जो स्कूल से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक आंचल गुप्ता ने बताया कि स्कूल किराए की बिल्डिंग में संचालित है। मकान मालिक ने बिजली भी कटवा दी है। जबकि स्कूल प्रांगण में रोशनी के लिए बनाए गए जाल पर भी लिंटर डलवा दिया। इस कारण स्कूल में अंधेरा हो गया है। विद्यालय में चार कमरे हैं, लेकिन बिजली न होने से तीन कमरों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। जिससे सभी कक्षाओं के बच्चों को एक कमरे में बैठाने की मजबूरी है। शिक्षिकाएं भी शौच के लिए आस पड़ोस में ही जाती हैं। आंचल गुप्ता के अनुसार उन्होंने अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी। जहां से उचित व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया है।  
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स्कूल के बाहर नहीं है बोर्ड
सूरज की चक्की वाली गली में स्थित प्राथमिक विद्यालय का कोई बोर्ड विभाग ने नहीं लगाया है। जबकि विद्यालय के एक कमरे में ही स्कूल का बोर्ड शिक्षिकाओं द्वारा लगाया गया है। जिससे बाहर से स्कूल मकान की भांति ही नजर आ रहा है।   

1965 से किराए पर है प्राथमिक विद्यालय
शिक्षिकाओं के अनुसार बेसिक परिषद ने 1965 में भवन को किराए पर लिया था। विद्यालय का किराया 424 रुपये प्रति माह है। जिसको लेकर भवन मालिक और विभाग में मतभेद भी चल रहा है।

किराए के भवन में जितनी मूलभूत सुविधाएं दी जा सकती हैं, वह विभाग द्वारा दी गई हैं। मकान मालिक भवन को खाली कराना चाहता है। जिसके कारण स्कूल के विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है। लेकिन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उच्च अधिकारियों से बात कर मामले का हल निकाला जाएगा।  एसके गिरी, नगर शिक्षा अधिकारी
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