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मेरठ: टकराव के बने हालात, बढ़ रहा तनाव, तीन साल से मामला सुलझाने में जुटे हैं पुलिस अफसर

Fri, 12 Feb 2021 12:05 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ के जागृति विहार में गेट लगने का विवाद तीन साल से लंबित है, जबकि पुलिस बार- बार निस्तारण होने की रिपोर्ट लगा देती है। धरातल पर टकराव के हालात बने हुए हैं। आईजीआरएस पोर्टल पर गेट के विवाद में ताला खुलवाकर समाधान होने की रिपोर्ट लगा दी जाती थी लेकिन अबकी बार वह भी नहीं हो पा रहा है।

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मामला मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-6 का है। 2017 में यहां बिना अनुमति के गेट लगा दिया गया। नतीजतन, 30 परिवारों के रास्ते पर रोक लग गई। पशुपालन विभाग में प्रशासनिक अधिकारी कृष्ण कुमार त्यागी लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं। मेडिकल थाना पुलिस ने फौरी तौर पर समाधान किया। गेट का ताला खुल गया लेकिन तीन महीने बाद गेट में फिर से ताला लगा दिया।
इसी तरह से बार- बार शिकायत होती रही। दूसरी तरफ लोग ताला लगा देते और पुलिस फौरी तौर पर ताला खुलवाती रही। अबकी बार लोगों ने ताला लगाया और उसकी चाबी गायब कर दी। चाबी के बारे में कोई जानकारी भी देने के लिए तैयार नहीं है। त्यागी ने आईजीआरएस पोर्टल पर इसकी शिकायत कर दी। पहले भी पोर्टल पर शिकायत हो चुकी है। सीओ सिविल लाइन ने भी मेडिकल थाने में शिकायत करने को कहा। वहां भी शिकायत की गई लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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अब गेट पर ताला लगने से वहां रहने वाले लोगों के बीच टकराव के हालात बने हुए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि मामला आपराधिक नहीं है। इस पर पुलिस की किरकिरी हो रही है।

स्थानीय लोगों से चल रही बातचीत
पुलिस स्थानीय लोगों से बातचीत पुलिस कर रही है। मामले का निस्तारण जल्द कराया जाएगा। - देवेश सिंह, सीओ सिविल लाइन

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स्कूल तोड़कर अवैध निर्माण, कार्रवाई नहीं कर रहा एमडीए
गढ़ रोड स्थित अजंता कॉलोनी निवासी संजय कुमार और योगेंद्र सिंह ने जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत में कहा है कि गली नंबर आठ में स्कूल तोड़कर प्लॉट का रूप दे दिया गया है। 965 वर्ग मीटर में बने इस स्कूल को तोड़कर अलग- अलग प्लॉट कर दिए गए। अब इन पर निर्माण कराया जा रहा है। शिकायत में निर्माण को अवैध बताते हुए एमडीए से कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि स्कूल तोड़कर प्लाटिंग और निर्माण के लिए मानचित्र भी स्वीकृत नहीं कराए गए हैं। यहां दुकानें और व्यावसायिक निर्माण भी किया जा रहा है। वहीं, तीन अवैध सबमर्सिबल भी लगाए गए हैं। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई है।

उधर, शिकायत के बारे में जोनल प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि इसका कई बार निरीक्षण किया जा चुका है। ये आपसी विवाद का मामला है। 60-60 वर्गमीटर के तीन प्लॉट पर निर्माण किया जा रहा है। इनके नक्शे स्वीकृत कराने की जरूरत नहीं हैं।

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