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सावन का पहला सोमवार: औघड़नाथ मंदिर में भगवान आशुतोष का दूध से अभिषेक, जानें क्यों है सोमवार का महत्व

Mon, 14 Jul 2025 11:46 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: आज सावन के पावन माह का पहला सोमवार है। सुबह से ही भक्तों की भीड़ औघड़नाथ मंदिर में जुटनी शुरू हो गई। इसके अलावा शहर के अन्य शिव मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। 
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औघड़नाथ मंदिर में लगी भक्तों की लाइन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। बाबा औघड़नाथ मंदिर में भी यही हाल है। सुबह से भक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए लाइन में लग गए। भक्तों ने बाबा औघड़दानी का जलाभिषेक किया और बम बम भोले के जयकारे लगाए।
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सावन माह में इस बार चार सोमवार 
श्रावण मास शिव को प्रिय है और सोमवार को उनकी विशेष पूजा की जाती है। इस बार श्रावण में चार सोमवार हैं। इस माह में सोमवार अतिशुभ फलदायी है। पहले सोमवार के दिन आयुष्मान योग के साथ सौभाग्य योग भी बन रहा है। यह योग सभी कार्यों को सिद्ध करने की क्षमता रखता है। बाबा औघड़नाथ मंदिर सहित सभी शिवालयों में विशेष पूजन की तैयारी है। मंदिरों में बैरिकेडिंग का कार्य पूर्ण हो गया है। बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि श्रावण के प्रथम सोमवार को करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे।
 

इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि पहला सोमवार 14 जुलाई, दूसरा 21 जुलाई, तीसरा 28 जुलाई और चौथा श्रावण सोमवार चार अगस्त को है। श्रावण के महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन जो भी भक्त पार्वती और भगवान भोलेनाथ की आराधना करता है, उसे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए पार्वती ने कठोर तप किया था।
 

कुंडली के दोषों को समाप्त करता है सोमवार व्रत
सोमवार को व्रत रखने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है। इसके अलावा राहु एवं केतु के अशुभ प्रभाव दूर हो जाते हैं। अग्नि, पृथ्वी, वायु, आकाश एवं जल तत्व का संतुलन बनता है। इन तत्वों के संतुलित रहने पर सृष्टि प्रसन्न रहती है। उसी प्रकार मनुष्य प्रसन्न, स्वस्थ और निरोगी रहता है। श्रावण मास में शिव पूजा का फल रविवार को पापनाशक है। सोमवार को धन लाभ, मंगलवार को स्वस्थ्य लाभ, रोग निवारण, बुधवार को पुत्र प्राप्ति, बृहस्पतिवार को आयु कारक, शुक्रवार को इंद्रीय सुख, शनिवार को सर्व सुखकारी देने वाला है।
 
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पहले सोमवार को शिवलिंग पर अर्पित करें चावल
श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर कुछ विशेष वस्तु अर्पित की जाती है। प्रथम सोमवार को शिव को चावल की मुट्ठी चढ़ाएं। दूसरे सोमवार को सफेद तिल चढ़ाएं। तीसरे श्रावण सोमवार को मूंग चढ़ाएं। चौथे सोमवार को जौं अर्पित करें। श्रावण की पूर्णिमा पर पंचमेवा अर्पित करें। जलाभिषेक के दौरान प्रतिदिन जौ, काले तिल, चावल, चावल, कमलगट्टा अवश्य चढ़ाएं।


 
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