जनप्रतिनिधि हैं, लेकिन वो बोलते न दिखते
शहर में भाजपा के सांसद और विधायकों की लंबी फौज है, लेकिन इन सभी प्रोजेक्टों की समीक्षा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। किसी भी जनप्रतनिधि ने आज तक वह एमडीए, नगर निगम, पीडब्लूडी के अधिकारियों से इस राज्य स्मार्ट सिटी परियोजना की जानकारी लेने की सुध नहीं ली।
स्मार्ट सिटी परियोजना में ये हैं दावे
जो प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतर सके हैं। उन्हें सभी को स्मार्ट सिटी परियोजना में बताकर धकेला जा रहा है। इसमें मल्टीलेवल पार्किंग, बच्चा पार्क से तहसील तक एलीवेटेड रोड, कई चौराहों पर फुट ओवर ब्रिज आदि प्रमुख कार्य शामिल हैं।
यहां बनाई जानी थी मल्टीलेवल पार्किंग
टाउन हाल, बुढ़ाना गेट, हापुड अड्डा, तेजगढ़ी चौराहा, शहर के व्यस्ततम बाजार आदि प्रमुख स्थलों के पास।
हमने पार्किँग का डिजाइन तैयार किया था। लेकिन काफी महंगा प्रोजेक्ट पड़ रहा है। अब इसे स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किया गया है। इसकी जिम्मेदारी नगर निगम की है - दुर्गेश प्रसाद श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, एमडीए